AI से बदलेगी खेती की तस्वीर: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया ‘भारत-विस्तार’, किसानों को एक कॉल पर मिलेगी पूरी जानकारी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार (17 फरवरी) को भारत-विस्तार (कृषि संसाधनों तक पहुंचने के लिए वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम) लॉन्च किया। यह एक AI से चलने वाला टूल है जो किसानों को उनकी जरूरी जानकारी उसी समय देने में मदद करेगा। भारत-विस्तार इस AI-पावर्ड मल्टीलिंगुअल टूल है जिसे किसानों को ज़रूरी जानकारी देने के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 के हिस्से के तौर पर नए AI टूल की घोषणा की थी।
क्या कहा था बजट में वित्त मंत्री ने
सीतारमण ने 1 फरवरी को अपना लगातार नौवां बजट पेश करते हुए कहा, “मैं भारत-विस्तार लॉन्च करने का प्रस्ताव करती हूं—यह एक मल्टीलिंगुअल AI टूल है जो एग्रीस्टैक पोर्टल और खेती के तरीकों पर ICAR पैकेज को AI सिस्टम के साथ जोड़ता है। इससे खेती की प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद मिलेगी और कस्टमाइज़्ड एडवाइज़री सपोर्ट देकर रिस्क कम होगा।”

भारत विस्तार के लिए वित्तीय वर्ष (2026-27) में 150 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है।
जाने क्या है भारत-विस्तार क्या है?
भारत-विस्तार एक AI-पावर्ड मल्टीलिंगुअल टूल है जो भारतीय किसानों को उनके सवालों को जवाब और फसल से जुडी जानकारी देगा। खास बात ये है कि ये टूल मोबाइल या एक सिंपल फ़ोन कॉल के ज़रिए किसानों को उनकी ही भाषा में अपनी भाषा में जानकारी देता है। यह टूल फ़सल की प्लानिंग, खेती के तरीके, खेती में लगने वाले कीड़े, मौसम का पूर्वानुमान, फसल के लिए बाज़ार, स्कीम की जानकारी, एलिजिबिलिटी, एप्लीकेशन और शिकायतों के बारे में मार्गदर्शन देता है। इसे किसानों के लिए एक “डिजिटल दरवाज़ा” कहा जा सकता है।जहां उनसे जुड़ी हर तरह की जानकारी मिलेगी।

यह खेती में एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) पहल है जो केंद्र, राज्य सरकार और कोऑपरेटिव सिस्टम के भरोसेमंद सोर्स से जानकारी को इंटीग्रेट करके सलाह को पर्सनलाइज़ करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करती है।

भारत विस्तार डिजिटल दरवाजे की ज़रूरत क्यों पड़ी?
दरअसल भारत सरकार ने किसानों के लिए बहुत सारी योजनाऐं तैयार की है। जिनका लाभ लेकर वो अपनी खेती में और बेहतर उत्पादन दे सकते हैं और फसल का बेहतर बाजार मूल्य भी पा सकते हैं। ऐसे में अभी तक इन सभी सरकारी स्कीम के बारे में जानकारी किसी एक जगह नहीं थी। ये जानकारियां काफी हद तक बिखरी हुई है। किसानों को अक्सर स्कीमों के लिए अपनी पात्राता चेक करने, उनके लिए अप्लाई करने, फ़ायदों का स्टेटस चेक करने और समय पर अपनी शिकायतों का हल पाने में मुश्किल होती है। मौसम, मंडी रेट, इंश्योरेंस और मिट्टी की हेल्थ की जानकारी भी एक जगह पर उपलब्ध नहीं है। किसानों को ये सभी जानकारी जुटाने के लिए अलग अलग ऑफिस और कई वेबसाइट पर जाना पड़ता है। इसलिए, एक ऐसे सिस्टम की ज़रूरत थी जहाँ किसान एक ही जगह पर सभी ज़रूरी जानकारी पा सकें।
एग्रीकल्चर मिनिस्ट्री के अधिकारियों के मुताबिक, “भारतविस्तार के साथ, किसानों को ऐसी सारी जानकारी पाने के लिए अलग-अलग ऑफिस, वेबसाइट, ऐप या बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा क्योंकि यह किसानों के लिए सभी ज़रूरी जानकारी का अकेला सोर्स बन जाता है—उनकी अपनी भाषा में और टेक्स्ट और वॉइस-बेस्ड(आवाज के जरिए) बातचीत के ज़रिए।”

किसान किसी भी टेलीफ़ोन या मोबाइल या घरों के बेसिक फोन से ही डेडिकेटेड टेलीफ़ोन नंबर 155261 डायल करके और ‘भारती’ नाम के AI असिस्टेंट से बात करके भारत-विस्तार का उपयोग कर सकते हैं। किसान Google Play Store से एक मोबाइल ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं या इसे एक वेब इंटरफ़ेस लिंक के ज़रिए एक्सेस कर सकते हैं, जो ऐप की तरह ही काम करता है। कृषि कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह लिंक मिनिस्ट्री ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर की वेबसाइटों और PM KISAN और PMFBY जैसे मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होगा। टेलीफ़ोन नंबर पर कॉल करने के साथ साथ किसानों को चैट के जरिए भी जानकारी मिल सकती है।

भारत विस्तार एक ‘डिजिटल एग्रीकल्चर एक्सपर्ट’ के तौर पर 24 घंटे उपलब्ध रहेगा।

भारत विस्तार एप में क्या क्या जानकारी मिलेगी
अधिकारियों के मुताबिक,
1-किसान लॉन्च के समय 10 बड़ी सेंट्रल स्कीमों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। इन स्कीम में
PM-KISAN, PM फसल बीमा योजना (PMFBY), सॉइल हेल्थ कार्ड (SHC), मॉडिफाइड इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम, सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन, पर ड्रॉप मोर क्रॉप, PM कृषि सिंचाई योजना, PM अन्नदाता आय संरक्षण अभियान, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, और किसान क्रेडिट कार्ड।
भारत विस्तार में किसान इन सभी स्कीमों के लिए अपने बेनिफिट स्टेटस को चेक कर सकते हैं और PM-KISAN शिकायतों को रजिस्टर और ट्रैक कर सकते हैं।
इसके अलावा, वे इंडियन काउंसिल ऑफ़ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) से साइंटिफिक जानकारी के आधार पर फसल और जानवरों की सलाह, कीड़े और बीमारी के अलर्ट, रियल-टाइम मौसम की जानकारी, मंडी की कीमतें, और मौसम पर आधारित एग्रोनॉमी सलाह ले सकते हैं।
भारत-विस्तार किन भाषाओं को सपोर्ट करेगा?

लॉन्च के समय, भारत-विस्तार का चैटबॉट (टेक्स्ट-बेस्ड बातचीत) दो भाषाओं: इंग्लिश और हिंदी में उपलब्ध होगा। इसी तरह, वॉइस-बेस्ड AI असिस्टेंट—भारती—शुरू में हिंदी और इंग्लिश में उपलब्ध होगा।

एग्रीकल्चर मिनिस्ट्री के एक सोर्स के मुताबिक, “हालांकि, महाराष्ट्र के किसान वसुधा (मराठी) के ज़रिए, गुजरात के किसान अमूलAI की सरलाबेन (गुजराती) के ज़रिए, और बिहार के किसान बिहार कृषि ऐप के ज़रिए हिंदी में भारतविस्तार एक्सेस कर पाएंगे।”

भारत-विस्तार अगले तीन महीनों में तमिल, बंगाली, असमिया और कन्नड़ में, राज्य सरकार की कनेक्टेड स्कीम्स के साथ उपलब्ध होगा। अधिकारियों ने कहा कि बाकी राज्य स्कीम्स और सर्विसेज़ को फेज़ में जोड़ा जाएगा, और वे अगले छह महीनों में 11 भाषाओं (इंग्लिश, हिंदी और 9 रीजनल भाषाएँ) में उपलब्ध होंगी।

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