मेथी दाना रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल पर डाल सकता है असर, लेकिन इसे किसी बीमारी का अचूक इलाज समझना भूल होगी।
भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाला मेथी दाना केवल मसाला ही नहीं, बल्कि पोषक तत्वों और रेशे का भी स्रोत है। कई लोग रातभर पानी में भिगोए मेथी के दानों को सुबह खाली पेट खाते हैं। माना जाता है कि इससे रक्त शर्करा नियंत्रित रखने, कोलेस्ट्रॉल घटाने और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। लेकिन इन दावों को लेकर विज्ञान क्या कहता है?
1. रक्त शर्करा नियंत्रित रखने में मिल सकती है मदद
कुछ अध्ययनों में मेथी के सेवन से मधुमेह से पीड़ित लोगों के रक्त शर्करा स्तर में कमी देखी गई है। इसमें मौजूद रेशा भोजन से शर्करा के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, उपलब्ध शोध अभी इतने मजबूत नहीं हैं कि मेथी को मधुमेह का भरोसेमंद इलाज माना जाए।
2. कोलेस्ट्रॉल पर पड़ सकता है असर
कुछ शोधों में मेथी के सेवन से कुल कोलेस्ट्रॉल और रक्त में मौजूद कुछ वसा के स्तर में सुधार के संकेत मिले हैं। हालांकि, खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल पर इसका असर हर अध्ययन में एक जैसा नहीं रहा है। इसलिए केवल मेथी के भरोसे हृदय रोगों से बचाव की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
3. जोड़ों के दर्द में राहत का दावा कितना सही?
मेथी में कुछ ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जिन पर सूजन से जुड़े प्रभावों को लेकर शोध हुआ है। लेकिन घुटनों, जोड़ों के दर्द या यूरिक एसिड की समस्या में भीगी मेथी खाने से निश्चित राहत मिलती है, इसका पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। लगातार दर्द या सूजन होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
कैसे करें सेवन?
यदि आप सामान्य भोजन के हिस्से के रूप में मेथी खाना चाहते हैं, तो थोड़ी मात्रा से शुरुआत कर सकते हैं। रात में मेथी के दाने पानी में भिगोकर सुबह उनका सेवन करना एक घरेलू तरीका है। हालांकि, खाली पेट खाना जरूरी नहीं है और हर व्यक्ति पर इसका असर एक जैसा नहीं होता।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
- मधुमेह की दवाएं लेने वाले लोग चिकित्सक की सलाह के बिना अधिक मात्रा में मेथी न लें। इससे रक्त शर्करा जरूरत से ज्यादा गिर सकती है।
- गर्भवती महिलाओं को भोजन में सामान्य मात्रा से अधिक मेथी औषधीय उद्देश्य से लेने से बचना चाहिए।
- अधिक मात्रा में सेवन से गैस, पेट फूलना, दस्त या अन्य पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।
- यदि आप खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं या किसी प्रकार की एलर्जी है, तो नियमित रूप से अधिक मात्रा में सेवन करने से पहले चिकित्सक से सलाह लें।
भीगी मेथी संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती है और कुछ स्वास्थ्य लाभ दे सकती है, लेकिन यह मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल या जोड़ों के दर्द की दवाओं का विकल्प नहीं है। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और समय पर स्वास्थ्य जांच भी उतने ही जरूरी हैं।