Bargi Dam Cruise Accident: पायलट का दावा- “आखिरी तक बचाने की कोशिश की”, 9 मौतों के बाद मचा हड़कंप

बरगी डैम में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस हादसे में 9 लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद नाव के पायलट महेश पटेल सामने आए हैं, जिन्होंने दावा किया है कि उन्होंने आखिरी समय तक यात्रियों को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन हालात इतने खराब हो गए कि हादसा टाला नहीं जा सका।

बीच पानी में अचानक बदला मौसम और तेज आंधी-तूफान ने हालात को बेकाबू बना दिया

पायलट महेश पटेल के अनुसार, जब नाव खमरिया आइलैंड से रवाना हुई थी, तब मौसम पूरी तरह सामान्य था। लेकिन जैसे ही नाव बीच डैम में पहुंची, अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और लहरें ऊंची उठने लगीं। उन्होंने बताया कि खराब मौसम को लेकर उन्हें कोई पहले से चेतावनी नहीं मिली थी, लेकिन हालात बिगड़ते देख उन्होंने तुरंत नाव को वापस किनारे की ओर मोड़ने का फैसला लिया।

नाव में पानी भरते ही मचा हड़कंप और यात्रियों में फैल गई घबराहट की स्थिति

पटेल ने बताया कि जैसे ही तेज लहरों के बीच नाव डगमगाने लगी, पानी अंदर घुसने लगा और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने तुरंत ग्राउंड टीम को कॉल कर दूसरी नाव भेजने के लिए कहा और चेतावनी दी कि बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि, हालात तेजी से बिगड़ते गए और कुछ ही मिनटों में नाव पर नियंत्रण कमजोर पड़ गया।

लाइफ जैकेट को लेकर उठे सवालों पर पायलट का जवाब, यात्रियों पर डाला आंशिक जिम्मा

हादसे के बाद सामने आए वीडियो में आरोप लगे कि लाइफ जैकेट समय पर नहीं दी गईं। इस पर पायलट ने सफाई देते हुए कहा कि कई यात्री शुरुआत में लाइफ जैकेट पहनने को तैयार नहीं थे, क्योंकि वे मस्ती कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही स्थिति गंभीर हुई, उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों को जैकेट पहनाने की कोशिश की और खुद सबसे आखिर में नाव से बाहर निकले।

इंजन रूम में पानी भरने के बाद पूरी तरह बिगड़ा कंट्रोल और हादसा बन गया त्रासदी

करीब 30 मिनट के अंदर ही हालात इतने खराब हो गए कि इंजन रूम में पानी भर गया और नाव पर नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो गया। पायलट के मुताबिक, 15 साल के अनुभव में उन्होंने ऐसा भयानक मंजर कभी नहीं देखा था। स्टाफ की संख्या भी सामान्य से कम थी, फिर भी सभी ने मिलकर यात्रियों को बचाने की कोशिश की।

हादसे के बाद कार्रवाई, पायलट बर्खास्त, सरकार ने सख्त कदम उठाने के दिए संकेत

हादसे के बाद पायलट महेश पटेल समेत अन्य कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है। पटेल ने कहा कि वह इस घटना से मानसिक रूप से टूट चुके हैं और “न खाना खा पा रहे हैं, न सो पा रहे हैं।” इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, 28 को बचा लिया गया है, जबकि 4 लोग अब भी लापता हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए नई गाइडलाइन (SOP) तैयार की जाएगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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