औरंगजेब मंदिर तोड़ सका, भारत की आत्मा नहीं’…काशी से सीएम योगी का बड़ा संदेश…

CM Yogi big message from Kashi

काशी से सीएम योगी का बड़ा संदेश …सनातन को मिटाने वाले खुद इतिहास में मिट गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सोमवार को वाराणसी के Kashi Vishwanath Dham से सनातन, भारत की सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक आक्रमणों को लेकर बड़ा बयान दिया। “सोमनाथ संकल्प महोत्सव” के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहम्मद गौरी से लेकर मुगलों तक कई आक्रमणकारियों ने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मिटाने की कोशिश की, लेकिन वे भारत की आत्मा को कभी नहीं तोड़ सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काशी विश्वनाथ धाम परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान गुजरात में आयोजित उस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें प्रधानमंत्री Narendra Modi सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शामिल हुए।

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने मुगल शासक औरंगजेब का जिक्र करते हुए कहा कि उसने प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर को ध्वस्त कर गुलामी का प्रतीक खड़ा करने की कोशिश की थी, लेकिन वह भारत की आत्मा को नहीं तोड़ सका। मुख्यमंत्री ने कहा, “वे यह समझ नहीं सके कि सनातन केवल मंदिर की दीवारों में नहीं बसता, बल्कि भारत की चेतना में रचा-बसा है। जिन्होंने सनातन को मिटाने की कोशिश की, वे स्वयं इतिहास की धूल में खो चुके हैं। आज उन सभी आक्रमणकर्ताओं को देश में कोई याद नहीं करता। सीएम योगी ने कहा लेकिन काशी विश्वनाथ धाम और सोमनाथ महादेव आज के युग में भी भारत के लिए स्वाभिमान की कहानी सुना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी और सोमनाथ भारत की सभ्यतागत चेतना के दो शाश्वत स्तंभ हैं। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और अयोध्या में राम मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जोड़ा। योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी राजनीतिक दल का नाम लिए यह भी कहा कि कुछ शक्तियों ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और राम मंदिर आंदोलन का विरोध किया था। हालांकि उन्होंने किसी पार्टी का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया।

इधर, राज्य सरकार ने पूरे उत्तर प्रदेश में “सोमनाथ संकल्प महोत्सव” को बड़े स्तर पर मनाने के निर्देश दिए थे। संस्कृति विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार जिला प्रशासन को शिव मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा गया था। सरकार ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लाइव प्रसारण को “अधिकतम संभव स्क्रीन” पर दिखाने के निर्देश भी दिए। राज्य भर में जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर सफाई अभियान, “ ॐ नमः शिवाय” का जाप, भजन-कीर्तन, महाआरती, शिव चर्चा और दीपोत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई स्थानों पर महिलाओं की कलश यात्राएं भी निकाली गईं।

स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” से जुड़े निबंध, रंगोली, भाषण, कविता और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा कार्यक्रमों के दौरान “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” गीत बजाने और प्रमुख शिव मंदिरों को रोशनी से सजाने को भी कहा गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के जरिए बीजेपी एक बार फिर अपने वैचारिक एजेंडे को मजबूती देने की कोशिश कर रही है। काशी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान आने वाले समय में राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

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