एशिया के कई बड़े देशों में गुरुवार को हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। भारत, जापान, चीन, थाईलैंड, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और मलेशिया के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ानों में भारी देरी और रद्दीकरण से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। तकनीकी और ऑपरेशनल बाधाओं के कारण पूरे क्षेत्र में एयर ट्रैफिक सिस्टम दबाव में नजर आया। हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट्स पर फंसना पड़ा, जबकि एयरलाइंस लगातार शेड्यूल संभालने में जुटी रहीं।
एशिया के बड़े एयरपोर्ट्स पर एक साथ बिगड़े हालात, हजारों फ्लाइट्स प्रभावित
ताजा आंकड़ों के मुताबिक एशिया के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर कुल 2,603 उड़ानों में देरी दर्ज की गई, जबकि 194 फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा। सबसे ज्यादा असर भारत की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देखने को मिला, जहां 365 उड़ानें प्रभावित हुईं।
जापान के टोक्यो स्थित हानेडा एयरपोर्ट पर 282 फ्लाइट्स लेट रहीं। वहीं मलेशिया के कुआलालंपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बैंकॉक के सुवर्णभूमि एयरपोर्ट और चीन के शंघाई पुडोंग एयरपोर्ट पर भी यात्रियों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा।
भारत के दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी
भारत में सबसे ज्यादा दबाव दिल्ली एयरपोर्ट पर दिखाई दिया। यहां कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें समय पर रवाना नहीं हो सकीं। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी 201 उड़ानें प्रभावित हुईं और 8 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं।
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर लंबी कतारों, बदले हुए बोर्डिंग समय और अचानक उड़ान शेड्यूल बदलने की शिकायतें साझा कीं। एयरपोर्ट प्रशासन लगातार हालात सामान्य करने की कोशिश में जुटा रहा।
एशिया की बड़ी एयरलाइंस पर भी पड़ा दबाव, इंडिगो सबसे ज्यादा प्रभावित
इस व्यवधान का असर कई बड़ी एयरलाइंस पर भी दिखाई दिया। भारत की IndiGo सबसे ज्यादा प्रभावित एयरलाइंस में शामिल रही, जहां 330 उड़ानों में देरी और 3 कैंसिलेशन दर्ज किए गए। Air India की 118 फ्लाइट्स प्रभावित रहीं।
चीन की China Eastern Airlines को 190 देरी और 44 रद्द उड़ानों का सामना करना पड़ा। Shanghai Airlines, Japan Airlines, All Nippon Airways और Korean Air जैसी कंपनियों के संचालन पर भी असर देखा गया। SpiceJet में भी 62 उड़ानें प्रभावित हुईं।
टोक्यो, सिंगापुर और सियोल जैसे इंटरनेशनल हब पर बढ़ा ऑपरेशनल दबाव
एशिया के कई बड़े एविएशन हब्स पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। सिंगापुर चांगी एयरपोर्ट पर 148 उड़ानों में देरी हुई, जबकि दक्षिण कोरिया के इंचियोन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 116 फ्लाइट्स प्रभावित रहीं।
जापान के नारिता एयरपोर्ट, चीन के बीजिंग और चेंगदू एयरपोर्ट तथा दक्षिण कोरिया के विभिन्न हवाई अड्डों पर भी एयर ट्रैफिक सिस्टम पर दबाव बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय एयर ट्रैफिक घनत्व और तकनीकी व्यवधान इसके बड़े कारण हो सकते हैं।
यात्रियों के लिए एयरलाइंस की एडवाइजरी जारी, यात्रा से पहले स्टेटस जांचने की अपील
लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए कई एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने से पहले फ्लाइट स्टेटस जांचने और अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
एयरलाइन कंपनियां प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानें और रीशेड्यूलिंग विकल्प देने में लगी हैं। एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ घंटों में स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में भी उड़ानों का दबाव बना रह सकता है।





