मध्य प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। वहीं राज्य सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल को मध्य प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने अनुराग जैन की नियुक्ति को मंजूरी देते हुए आदेश जारी कर दिए हैं।
- एमपी प्रशासन में बड़ा फेरबदल
- अनुराग जैन को मिली राष्ट्रीय जिम्मेदारी
- अशोक बर्णवाल संभालेंगे मुख्य सचिव की कमान
- सेवा विस्तार की अटकलों पर लगा विराम
- 1991 बैच के IAS बर्णवाल को नई जिम्मेदारी
1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन का मुख्य सचिव के रूप में कार्यकाल 31 अगस्त 2026 तक था। उन्हें पहले ही एक वर्ष का सेवा विस्तार मिल चुका था। अब नीति आयोग के CEO बनने के साथ ही मुख्य सचिव पद पर दोबारा सेवा विस्तार की सभी अटकलों पर विराम लग गया है। वे पदभार ग्रहण करने की तिथि से नई जिम्मेदारी संभालेंगे।अनुराग जैन अक्टूबर 2024 में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव बने थे। इससे पहले वे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में संयुक्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। बुनियादी ढांचा, औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स और प्रशासनिक सुधारों में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें नीति आयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कौन हैं अशोक बर्णवाल? जानिए मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव का प्रशासनिक सफर
अशोक बर्णवाल इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ दोनों के प्रमुख सचिव भी रह चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव, तकनीकी दक्षता और जनहित आधारित कार्यशैली के कारण राज्य सरकार ने उन पर भरोसा जताया है। उनकी नियुक्ति के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट भी की।
इस बदलाव के साथ मध्य प्रदेश के प्रशासनिक नेतृत्व में नया अध्याय शुरू हो गया है। अनुराग जैन अब राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जबकि अशोक बर्णवाल राज्य के प्रशासनिक तंत्र की कमान संभालकर सरकार की प्रमुख योजनाओं और नीतियों के क्रियान्वयन का नेतृत्व करेंगे। (प्रकाश कुमार पांडेय)





