बंगाल चुनाव में गरमाई सियासत: अमित शाह का बड़ा बयान, ‘बाबरी जैसी मस्जिद नहीं बनने देंगे’
हुमायूं और ममता बनर्जी पर साधा निशाना, घुसपैठ, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को बनाया चुनावी मुद्दा
रैली में शाह का तीखा हमला
West Bengal Assembly Elections : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रानीगंज में आयोजित चुनावी रैली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दोनों नेताओं को “एक ही थाली के चट्टे-बट्टे” बताते हुए कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर बंगाल में बाबरी मस्जिद जैसी किसी भी संरचना का निर्माण नहीं होने देगी।
हुमायूं के बयान से बढ़ा विवाद
दरअसल, मुर्शिदाबाद के भरतपुर से विधायक रहे हुमायूं कबीर ने कथित तौर पर बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद निर्माण का प्रस्ताव रखा था। इस बयान के बाद उन्हें तृणमूल कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। बाद में उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली और अब वे चुनावी मैदान में फिर से सक्रिय हैं। इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा लगातार मुद्दा बना रही है।
राम मंदिर मुद्दे पर भी घेरा
अमित शाह ने अपने भाषण में अयोध्या में बने राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि 2019 में भारी जनादेश मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंदिर निर्माण का रास्ता साफ किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर विरोध का रुख अपनाया था।
वीडियो विवाद और आरोप-प्रत्यारोप
चुनाव के बीच एक कथित वीडियो भी चर्चा में है, जिसमें हुमायूं कबीर पर भाजपा नेताओं से संपर्क और आर्थिक सौदेबाजी के आरोप लगाए गए हैं। इस पर ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला करते हुए दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए 1000 करोड़ रुपये का सौदा हुआ है। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
कानून-व्यवस्था और हिंसा पर बयान
बीरभूम और अन्य इलाकों में आयोजित रैलियों में अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता अब “बम और बुलेट” की राजनीति से तंग आ चुकी है और इस बार वोट के जरिए जवाब देगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सरकार बनने के बाद “सिंडिकेट राज” और भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई होगी।
घुसपैठ और सीमा सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा
शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान अवैध घुसपैठ का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस पर ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 600 एकड़ जमीन का आवंटन पूरा किया जाएगा और घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा।
तृणमूल पर गंभीर आरोप
गृह मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में राम नवमी की शोभायात्राओं पर हमले हुए, सरस्वती पूजा में बाधाएं डाली गईं और कई जगह सांप्रदायिक तनाव देखने को मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा है।
चुनावी तारीखें और राजनीतिक माहौल
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। मतगणना 4 मई को निर्धारित है। चुनावी माहौल में लगातार बढ़ती बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप से राज्य की राजनीति और अधिक गरमा गई है।
चुनावी जंग में तेज होती बयानबाजी
बंगाल चुनाव में अब मुद्दे सिर्फ विकास तक सीमित नहीं रहे, बल्कि धर्म, सुरक्षा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी केंद्र में आ गए हैं। अमित शाह के ताजा बयान ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता इन मुद्दों पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं और सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाती है।