ईंधन किल्लत की खबरों के बीच ऑयल कंपनियों का बड़ा बयान, ‘घबराएं नहीं, सप्लाई पूरी तरह सामान्य’
भोपाल। मध्य प्रदेश में ईंधन किल्लत की खबरों के बीच इंडियन ऑयल और अन्य ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) ने संयुक्त रूप से स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। राज्य स्तरीय समन्वय समिति की प्रेस ब्रीफिंग में कंपनियों ने साफ किया कि सभी प्रकार के ईंधन का स्टॉक स्टॉक पर्याप्त होने के साथ ही दावा किया जा रहा है कि सप्लाई पूरी तरह सुचारू रूप से बगैर बाधा जारी है।
- ईंधन किल्लत की अफवाहों पर विराम, कंपनियों का बड़ा बयान
- ‘घबराएं नहीं’—MP में पेट्रोल-डीजल और LPG की सप्लाई सामान्य
- ऑयल कंपनियों का दावा: स्टॉक भरपूर, कोई कमी नहीं
- पैनिक बाइंग से बचें, सप्लाई चेन पूरी तरह मजबूत
- डिजिटल बुकिंग से आसान हुआ LPG वितरण
- कालाबाजारी पर कार्रवाई तेज, हजारों सिलेंडर जब्त
- बढ़ती मांग के बावजूद ईंधन सप्लाई पर असर नहीं
इंडियन ऑयल मध्यप्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) अजय कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य और केंद्र सरकार के बीच लगातार समन्वय बना हुआ है, जिससे सप्लाई चेन को मजबूत रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है और डोमेस्टिक एलपीजी की सप्लाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का वितरण केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की असमानता या गड़बड़ी न हो। इसके साथ ही 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर की रिलीज भी शुरू कर दी गई है, जो खास तौर पर छात्रों और युवा कामकाजी लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं।
प्रेस ब्रीफिंग में डिजिटल बुकिंग को लेकर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश में 95 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग अब डिजिटल माध्यम से हो रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे ऑनलाइन बुकिंग के विकल्पों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें, ताकि वितरण प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी रहे।
धांधली और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए ऑयल कंपनियों ने विशेष टीमें भी गठित की हैं। इन टीमों ने अब तक राज्यभर में 2485 छापेमारी की है, जिसमें 3500 सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
ऑयल कंपनियों ने यह भी साफ किया कि देश में एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है और सभी टर्मिनल तथा डिपो में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मध्य प्रदेश में वर्तमान में 2 लाख से अधिक डोमेस्टिक एलपीजी कनेक्शन और 566 औद्योगिक कनेक्शन सक्रिय हैं, जिन्हें नियमित रूप से सप्लाई दी जा रही है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई को लेकर भी स्थिति सामान्य बताई गई है। राज्य में कुल 7147 पेट्रोल-डीजल रिटेल आउटलेट्स संचालित हो रहे हैं, जहां कहीं भी किल्लत की स्थिति नहीं है। इसके अलावा, 4 टर्मिनल और 13 बल्क डिपो के माध्यम से पूरे प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ स्थानों पर पाइपलाइन के जरिए तो कुछ जगहों पर रेल मार्ग से स्टॉक पहुंचाया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 8000 किलोलीटर पेट्रोल और 16000 किलोलीटर डीजल की सप्लाई की जा रही है। यह आंकड़ा पहले की तुलना में काफी अधिक है, क्योंकि संकट से पहले प्रतिदिन लगभग 12000 किलोलीटर डीजल की सप्लाई होती थी।
बढ़ती मांग के बावजूद सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनियों ने कहा कि पैनिक बाइंग की कोई जरूरत नहीं है और लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जून तक मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित चुनौती से निपटा जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में ईंधन की उपलब्धता पूरी तरह सुरक्षित है और आम जनता को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
कुल मिलाकर, ऑयल कंपनियों के इस संयुक्त बयान ने साफ कर दिया है कि मध्य प्रदेश में ईंधन की स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन और कंपनियां मिलकर सप्लाई चेन को मजबूत बनाए हुए हैं, जिससे लोगों को निर्बाध सेवाएं मिल रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं से यही अपील की जा रही है कि वे अफवाहों से दूर रहें और सामान्य तरीके से ही ईंधन का उपयोग करें।





