टीम इंडिया का नया तुरुप का इक्का: कौन हैं गुरनूर बराड़, जिन्हें बिना IPL मैच खेले मिला टेस्ट-वनडे का टिकट?

All rounder Gurnoor Brar

अफगानिस्तान के खिलाफ घोषित भारतीय टेस्ट और वनडे टीम में इस बार कई बड़े नाम चर्चा में रहे, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां जिस खिलाड़ी ने बटोरीं, वह हैं पंजाब के युवा पेसर ऑलराउंडर गुरनूर बराड़। क्रिकेट फैंस उस वक्त हैरान रह गए जब अजित अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने गुरनूर को सीधे टेस्ट और वनडे दोनों टीमों में जगह दे दी। खास बात यह है कि जिस खिलाड़ी को भारतीय टीम में मौका मिला, उसे IPL में उसकी फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस ने पूरे सीजन एक भी मैच खेलने का अवसर नहीं दिया।

टीम इंडिया का नया तुरुप का इक्का

कौन हैं गुरनूर बराड़, जिन्हें बिना IPL मैच खेले मिला टेस्ट-वनडे का टिकट

गुजरात ने नहीं दिया मौका, सेलेक्टर्स ने बना दिया टीम इंडिया स्टार

पंजाब के युवा पेसर गुरनूर बराड़ की एंट्री से क्रिकेट जगत हैरान

गुरनूर बराड़ का चयन भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा संदेश भी माना जा रहा है। चयनकर्ताओं ने यह साफ कर दिया कि सिर्फ IPL में चमकना ही टीम इंडिया में आने का रास्ता नहीं है। घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन और प्रतिभा भी आपको सीधे राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा सकती है। यही वजह है कि अब हर क्रिकेट फैन यह जानना चाहता है कि आखिर गुरनूर बराड़ कौन हैं और उनमें ऐसी क्या खास बात है जिसने चयनकर्ताओं को प्रभावित कर दिया।

पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले गुरनूर बराड़

पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले गुरनूर बराड़ बाएं हाथ से बल्लेबाजी और दाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करते हैं। उनकी यही ऑलराउंड क्षमता उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाती है। अभी तक उन्होंने सिर्फ 18 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, लेकिन इन मुकाबलों में 52 विकेट लेकर उन्होंने अपनी गेंदबाजी का असर दिखाया है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम एक बार पांच विकेट हॉल और तीन बार चार विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है। हालांकि बल्लेबाजी आंकड़े बहुत बड़े नहीं हैं, लेकिन निचले क्रम में उपयोगी रन बनाने की क्षमता उन्हें एक प्रभावी ऑलराउंडर बनाती है।

बेहद दिलचस्प है गुरनूर की क्रिकेट यात्रा  

गुरनूर की क्रिकेट यात्रा भी बेहद दिलचस्प रही है। आज जिस खिलाड़ी की चर्चा पूरे देश में हो रही है, उसने अपने करियर की शुरुआत बतौर नेट बॉलर की थी। साल 2019 में उन्हें मुंबई इंडियंस के कैंप में नेट गेंदबाज के रूप में शामिल किया गया। उस समय वह काफी युवा थे, लेकिन उनकी तेज गेंदबाजी और अनुशासन ने कोचों को प्रभावित किया। IPL टीमों के साथ नेट बॉलर के रूप में काम करना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ा मंच माना जाता है और गुरनूर ने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया।

धीरे-धीरे उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनानी शुरू की। साल 2022 में गोवा के खिलाफ लिस्ट ए क्रिकेट में पंजाब के लिए डेब्यू करने वाले गुरनूर ने जल्द ही रणजी ट्रॉफी में भी कदम रखा। शुरुआत में उन्हें सिर्फ तेज गेंदबाज माना जाता था, लेकिन बाद में उन्होंने बल्लेबाजी से भी प्रभावित किया। जम्मू-कश्मीर के खिलाफ रणजी मुकाबले में उन्होंने साहसिक 64 रन बनाकर यह साबित कर दिया कि जरूरत पड़ने पर वह टीम के लिए बल्ले से भी योगदान दे सकते हैं। उस मैच में सिद्धार्थ कौल के साथ उनकी अहम साझेदारी ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था।

गुजरात टाइटंस ने गुरनूर की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें 1.30 करोड़ रुपये में अपनी टीम में बनाए रखा था, लेकिन पूरे सीजन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया। माना जा रहा है कि घरेलू क्रिकेट में उनकी निरंतर लाइन-लेंथ, स्विंग कराने की क्षमता और दबाव में प्रदर्शन करने की आदत ने उन्हें यह बड़ा मौका दिलाया।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि गुरनूर बराड़ भविष्य में भारत के लिए एक उपयोगी फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर साबित हो सकते हैं। भारतीय टीम लंबे समय से ऐसे खिलाड़ी की तलाश में रही है जो नई गेंद से विकेट निकाल सके और निचले क्रम में तेजी से रन भी बना सके। हार्दिक पंड्या के बाद भारतीय क्रिकेट में इस तरह के खिलाड़ियों की कमी महसूस की जा रही थी और गुरनूर उसी खाली जगह को भरने वाले खिलाड़ी के रूप में देखे जा रहे हैं।

अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज गुरनूर के करियर का सबसे बड़ा मौका साबित हो सकती है। अगर उन्हें अंतिम एकादश में जगह मिलती है और वह अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो भारतीय क्रिकेट को एक नया तेज गेंदबाज ऑलराउंडर मिल सकता है। फिलहाल क्रिकेट जगत की निगाहें इसी युवा खिलाड़ी पर टिकी हैं, जिसने बिना IPL खेले सीधे टीम इंडिया तक का सफर तय कर लिया।

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