AI ने पलटा अमीरी का खेल – टिकटॉक वाले झांग ने अडानी से छीना एशिया के सबसे अमीर का ताज, 11.5 लाख करोड़ की दौलत का नया गणित
105 अरब डॉलर पर टाई, फिर भी ताज बदला
Bloomberg Billionaires Index के ताजा आंकड़ों के मुताबिक TikTok की पैरेंट कंपनी ByteDance के फाउंडर *झांग यिमिंग की संपत्ति 105 अरब डॉलर* पहुंच गई है। गौतम अडाणी इसके साथ अब एशिया के दूसरे और झांग सबसे अमीर बन गए हैं। दिलचस्प है कि अडानी की संपत्ति भी करीब 105 अरब डॉलर ही है, लेकिन झांग थोड़े ऊपर हैं, इसलिए वो दुनिया की लिस्ट में 18वें और अडानी 20वें स्थान पर हैं। इस साल झांग की संपत्ति में 40.3 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है, जबकि अडानी की दौलत में 20.7 अरब डॉलर। यानी इस साल अडानी से दोगुनी रफ्तार से झांग अमीर हुए।
मार्च 2019 में झांग की संपत्ति सिर्फ 13 अरब डॉलर थी। 7 साल में 8 गुना ग्रोथ। वहीं अडानी का एम्पायर पोर्ट, एयरपोर्ट, सीमेंट, पावर जैसे पारंपरिक बिजनेस पर टिका है। 5b15
AI ने खेल कैसे पलटा? टिकटॉक से Doubao तक
झांग की कहानी सिर्फ टिकटॉक की नहीं है।
पहला बूस्टर – TikTok का अमेरिकी सौदा: ByteDance पर अमेरिका में बैन का खतरा था। कंपनी ने चतुराई से अपने US बिजनेस का हिस्सा Oracle, Silver Lake और अबू धाबी की MGX को ट्रांसफर कर दिया। इससे राजनीतिक जोखिम खत्म हुआ और निवेशकों ने ByteDance की वैल्यूएशन बढ़ा दी। BlackRock, Fidelity जैसी कंपनियों ने नई वैल्यूएशन को माना। 3fe85b15
दूसरा बूस्टर – AI का दांव: ByteDance ने पिछले 2 साल में AI पर ताबड़तोड़ पैसा लगाया। उनका AI चैटबॉट Doubao आज चीन का सबसे पॉपुलर चैटबॉट है, 30 करोड़ मंथली यूजर्स के साथ। और उनका AI वीडियो टूल Seedance। कंपनी इस साल AI पर 70 अरब डॉलर खर्च करने की तैयारी में है। एशिया में अब पारंपरिक उद्योगों से ज्यादा दौलत AI और टेक कंपनियों के पास जमा हो रही है।
3. अडानी vs झांग – दो मॉडल की लड़ाई
ये दो बिजनेस मॉडल की लड़ाई है।
अडानी मॉडल – एसेट हैवी:पोर्ट बनाओ, एयरपोर्ट खरीदो, सीमेंट प्लांट लगाओ। हर एसेट में 10,000 करोड़ लगता है, 10 साल में रिटर्न आता है। कर्ज लेना पड़ता है। बाजार में थोड़ी हवा चली तो शेयर गिरते हैं।
झांग मॉडल – एल्गोरिदम हैवी: एक एल्गोरिदम बनाओ जो 1 अरब लोगों को 1 घंटे रोज स्क्रॉल कराए। कोई फैक्ट्री नहीं, कोई कर्ज नहीं। ByteDance ने 2025 में ही करीब 50 अरब डॉलर का प्रॉफिट कमाया था। उसी प्रॉफिट से AI में निवेश। इसीलिए निवेशक अब बाइडेंस जैसी कंपनियों को ज्यादा वैल्यू दे रहे हैं। अखबार में लिखा है – बाइडेंस की आय बढ़कर 11.5 लाख करोड़ के पार निकली। ये भारत की कई बड़ी कंपनियों के कुल मार्केट कैप से ज्यादा है।
4. भारत-चीन के टॉप-5 अमीरों में क्या संदेश है?
Bloomberg के मुताबिक एशिया के टॉप-5 अब हैं –
1. झांग यिमिंग – ByteDance, चीन
2. गौतम अडानी – अडानी ग्रुप, भारत
3. मुकेश अंबानी – रिलायंस, भारत
4. तदाशी यानाई – Uniqlo, जापान
5. मासायोशी सन – SoftBank, जापान
इसमें भारत के 2, चीन का 1, जापान के 2। लेकिन ट्रेंड देखिए – चीन और जापान के तीनों टेक/रिटेल से, भारत के दोनों अभी भी पारंपरिक एनर्जी-इंफ्रा-टेलीकॉम से। रिलायंस ने Jio और AI से टेक में एंट्री की है, इसलिए वो टिका है। अडानी को भी अब ग्रीन एनर्जी के साथ AI डेटा सेंटर में जाना पड़ रहा है।
5. निवेशक के लिए सबक क्या है?
आपकी कटिंग के नीचे लिखा है – “बाजार का रिस्क बढ़ा”। यही इसका दूसरा पहलू है। एक्सपर्ट्स कह रहे हैं – 2019 से 2024 तक पैसा सीमेंट-स्टील-पोर्ट में था। 2025 से पैसा चिप-AI-डेटा सेंटर में जा रहा है। जो इन्वेस्टर 2023 में हार्डवेयर स्टार्टअप्स को पैसा दे रहे थे, आज वो 4 गुना रिटर्न पर हैं। लेकिन रिस्क भी वही है – टेक की वैल्यूएशन हवा में भी उड़ती है। ByteDance अभी लिस्टेड भी नहीं है। उसकी वैल्यू सिर्फ प्राइवेट निवेशकों के अनुमान पर है। कल को अगर अमेरिका-चीन तनाव फिर बढ़ा, तो वही वैल्यूएशन आधी भी हो सकती है। 2026 का ये उलटफेर बताता है कि एशिया में अमीरी का सोर्स बदल गया है। पहले खदान, तेल, स्टील से अमीर बना जाता था, अब एल्गोरिदम और AI मॉडल से। अडानी ने 20 साल में जो एम्पायर बनाया, झांग ने 7 साल में एल्गोरिदम से उसे पीछे कर दिया। ये सिर्फ दो लोगों की रैंकिंग नहीं, दो इकोनॉमी की दिशा है – एक जो एसेट बनाती है, दूसरी जो अटेंशन बेचती है।