AI बना दुकानदार! बिना इंसान के दिमाग से चल रही पूरी दुकान, $100,000 के साथ शुरू हुआ अनोखा प्रयोग

तकनीक की दुनिया में एक नया प्रयोग चर्चा का विषय बन गया है, जहां एक दुकान पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भरोसे चलाई जा रही है। Andon Labs ने एक AI एजेंट को न सिर्फ दुकान संभालने की जिम्मेदारी दी, बल्कि उसे 100,000 डॉलर (करीब 94 लाख रुपये) का बजट और पूरा कंट्रोल भी सौंप दिया।

AI एजेंट ‘Luna’ को दुकान चलाने के लिए दिए गए सभी जरूरी संसाधन और पूरी स्वतंत्रता

इस प्रयोग में AI एजेंट ‘Luna’ को फोन नंबर, ईमेल आईडी, इंटरनेट एक्सेस और कॉर्पोरेट क्रेडिट कार्ड दिया गया, ताकि वह हर निर्णय खुद ले सके। यह सिस्टम Anthropic के Claude मॉडल पर आधारित है, जो इसे सोचने और फैसले लेने की क्षमता देता है।

दुकान का नाम, डिजाइन और ब्रांडिंग तक AI ने खुद तय की और लोगो में दिखा क्रिएटिव अंदाज

AI ने अपनी दुकान का नाम “Andon Market” रखा और इसका पूरा डिजाइन खुद तैयार किया। Luna ने ब्रांड के लिए एक यूनिक ‘मून फेस’ लोगो चुना, जिसे वेबसाइट से लेकर दुकान की दीवारों तक इस्तेमाल किया गया। हालांकि, हर बार लोगो थोड़ा अलग बन रहा था, जो एक दिलचस्प तकनीकी चुनौती बन गया।

AI ने खुद कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की और इंटरव्यू लेकर लोगों को नौकरी दी

Luna ने LinkedIn और Indeed जैसे प्लेटफॉर्म पर जॉब पोस्ट डाली और उम्मीदवारों के इंटरव्यू भी खुद लिए। कई लोगों को यह पता ही नहीं चला कि उनका इंटरव्यू एक AI ले रहा है। अंत में AI ने दो कर्मचारियों को काम पर रखा, हालांकि उन्हें पूरी कानूनी सुरक्षा और तय वेतन दिया गया।

प्रोडक्ट चुनने में AI ने डेटा का इस्तेमाल किया लेकिन कुछ फैसले सवालों के घेरे में भी आए

दुकान में किताबें, पेंटिंग, पौधे और कैंडल जैसे प्रोडक्ट रखे गए, जो स्थानीय पसंद के हिसाब से चुने गए थे। लेकिन AI कुछ गलतियां भी कर बैठा, जैसे पहले दिन स्टाफ की ड्यूटी लगाना भूल गया, जिससे दुकान बिना कर्मचारी के खुल गई।

यह प्रयोग दिखाता है कि AI कितना सक्षम है और किन मामलों में इंसानी दखल अभी भी जरूरी है

यह AI स्टोर भविष्य की एक झलक पेश करता है, जहां कई काम मशीनें संभाल सकती हैं। लेकिन यह भी साफ करता है कि हर निर्णय AI पर छोड़ना सही नहीं है, खासकर जहां मानवीय समझ और संवेदनशीलता जरूरी होती है।

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