संयुक्त राष्ट्र स्थित चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू छोंग ने 8 अक्तूबर को
महासभा के 81वें सत्र की संयुक्त बहस में संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के कार्यान्वयन
और महासभा के पुनरुद्धार पर भाषण दिया। उन्होंने महासभा के कार्य को सुदृढ़
और पुनर्जीवित करने के लिए तीन सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया।
फू छोंग ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा चार्टर का सबसे प्रतिनिधि निकाय
है और बहुपक्षवाद का पालन करने और वैश्विक शासन को आगे बढ़ाने का एक
महत्वपूर्ण मंच है। आज की दुनिया जटिलताओं और कई चुनौतियों से घिरी हुई
है। संयुक्त राष्ट्र महासभा को आम सहमति को और मजबूत करना चाहिए,
एकता को सुदृढ़ करना चाहिए, संयुक्त राष्ट्र चार्टर द्वारा निर्धारित दायित्वों को
पूरा करना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार को बढ़ावा
देना चाहिए। चीन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के कार्यों को सुदृढ़ और पुनर्जीवित
करने के लिए तीन प्रस्ताव रखे हैं।
पहला, हमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर को अपना मूलभूत मार्गदर्शक सिद्धांत
मानना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र के कार्यों की दिशा को सक्रिय रूप से समायोजित
करना चाहिए। दूसरा, हमें एकता
और सहयोग को मुख्य मार्ग के रूप में अपनाना चाहिए और
संयुक्त राष्ट्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए अपने प्रयासों को एकजुट करना
चाहिए।
तीसरा, हमें व्यावहारिक सुधारों को प्रगति की प्रेरक शक्ति के रूप में लेना
चाहिए और संयुक्त राष्ट्र का कार्य प्रभावी ढंग से कार्यान्वित होने को सुनिश्चित
करना चाहिए।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)





