कांग्रेस की कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक 29 सितंबर 2026 को हो रही है। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा होनी है। कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी सामने आई है। अब इस बैठक के साथ सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस की रणनीति को INDIA गठबंधन के दूसरे दल भी उसी मजबूती से आगे बढ़ाएंगे?
CWC में क्या होगा?
कांग्रेस की बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े विवाद, SIR और आगे के राजनीतिक कार्यक्रम पर मंथन होना है। रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी चुनाव आयोग के खिलाफ अपना दबाव बढ़ाने और आंदोलन की अगली रूपरेखा तैयार करने पर विचार कर रही है। कांग्रेस पहले ही कई जगह प्रदर्शन कर चुकी है। ऐसे में CWC के फैसले से यह स्पष्ट हो सकता है कि पार्टी आगे इस मुद्दे को किस तरह देशभर में उठाती है।
सहयोगियों का साथ कितना?
कांग्रेस की रणनीति के सामने अब बड़ा सवाल INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों का रुख है। विपक्षी दलों के बीच चुनाव आयोग और SIR को लेकर बातचीत चल रही है। रिपोर्टों के अनुसार 30 सितंबर को INDIA ब्लॉक के नेताओं की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें इस मुद्दे पर साझा रणनीति पर चर्चा हो सकती है। यानी CWC के अगले दिन विपक्षी दलों के स्तर पर भी इस मुद्दे पर समन्वय की कोशिश दिखाई दे रही है।
राज्यों में अलग तस्वीर
हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दल साथ नजर आते हैं, लेकिन राज्यों में उनकी राजनीतिक परिस्थितियां अलग हैं। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और TMC के बीच राजनीतिक मतभेद हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच भी आगामी चुनावों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्राथमिकताएं और नेतृत्व से जुड़े मतभेद सामने आए हैं। जुलाई में दोनों दलों के बीच सार्वजनिक बयानों को लेकर गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठे थे।
बैठकें होती हैं, जमीन पर क्या?
पिछले कुछ समय में INDIA गठबंधन के नेता कई बार एक साथ बैठक कर चुके हैं और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर समन्वय की कोशिश भी हुई है। 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने SIR समेत चुनाव संबंधी मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से भी संपर्क किया था। ऐसे घटनाक्रम विपक्षी दलों के बीच मुद्दे आधारित सहयोग को दिखाते हैं।
क्या बनेगा साझा मोर्चा?
अब असली सवाल यही है कि बैठकों और संयुक्त बयानों से आगे बढ़कर क्या विपक्षी दल किसी साझा कार्यक्रम पर सहमत होते हैं। 30 सितंबर की प्रस्तावित INDIA ब्लॉक बैठक में CEC के खिलाफ कार्रवाई और SIR से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रणनीति पर चर्चा होने की बात सामने आई है। हालांकि राज्यों में अलग-अलग दलों के राजनीतिक हितों के कारण इस समन्वय को जमीन पर लागू करना एक अलग चुनौती होगी। फिलहाल यह साफ है कि 29 सितंबर की CWC बैठक और 30 सितंबर की विपक्षी बैठक इस पूरे मुद्दे पर आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगी।





