Monday, November 2, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य मध्य प्रदेश जबलपुर

हिमाद्री सिंह-नरेंद्र मरावी का रिश्ता खत्म, लेकिन कहानी सिर्फ तलाक की नहीं

DigitalDesk by DigitalDesk
September 15, 2026
in जबलपुर, मध्य प्रदेश, मुख्य समाचार, राजनीति
0
Himadri Singh and Narendra Maravi
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

कहते हैं राजनीति में रिश्ते बनते भी हैं और बदलते भी हैं, लेकिन जब बात किसी बड़े राजनीतिक परिवार और दो नेताओं के निजी रिश्ते की हो तो कहानी सिर्फ व्यक्तिगत नहीं रह जाती। जी हां हम बात कर रहे हैं शहडोल से बीजेपी सांसद हिमाद्री सिंह की, जिन्होंने अपने पति नरेन्द्र मरावी से तलाक ले लिया है।
दरअसल बीजेपी की युवा सांसद हिमाद्री सिंह का ताल्लुक मध्यप्रदेश के बड़े आदिवासी राजनीतिक परिवार से है। हिमाद्री के पिता दलवीर सिंह कांग्रेस के कद्दावर आदिवासी नेताओं में शुमार रहे हैं वे तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार में मंत्री भी रहे थे। हिमाद्री सिंह की मां नंदिनी सिंह भी कोतमा की विधायक और शहडोल से सांसद रह चुकी थीं। हिमाद्री सिंह के माता और पिता दोनों का देहांत हो चुका है।

हिमाद्री सिंह 2 बार रहीं BJP सांसद
पति से लिया हिमाद्री सिंह ने तलाक
साल 2017 में नरेन्द्र मरावी से हुई थी शादी

Related posts

pm Modi message of development for Madhya Pradesh play a key role Viksit Bharat

PM मोदी का मध्यप्रदेश को विकास का संदेश, 2047 के विकसित भारत में निभाएगा अहम भूमिका

November 1, 2026
Political battle from the Ramlila stage! Rahul warning heats up the political scene

रामलीला के मंच से सियासी संग्राम! राहुल की चेतावनी से गरमाई राजनीति, बीजेपी का पलटवार

November 1, 2026

राजनीति में रिश्ते बनते भी हैं और बदलते भी हैं, लेकिन जब बात किसी बड़े राजनीतिक परिवार और दो नेताओं के निजी रिश्ते की हो तो कहानी सिर्फ व्यक्तिगत नहीं रह जाती। मध्यप्रदेश की आदिवासी राजनीति से जुड़े दो चर्चित नाम—शहडोल से बीजेपी सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी—अब कानूनी तौर पर पति-पत्नी नहीं रहे। दोनों के तलाक पर अदालत ने डिक्री पारित कर दी है।
दोनों पिछले कई वर्षों से अलग रह रहे थे। ऐसे में अदालत का फैसला उनके लंबे समय से चले आ रहे अलगाव को अब कानूनी रूप देता है। हालांकि उनके रिश्ते में दरार की वास्तविक वजह क्या रही, इसे लेकर सार्वजनिक तौर पर कोई विस्तृत और पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए राजनीतिक चर्चाओं को तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

एक शादी, दो राजनीतिक परिवार और बदलती कहानी

हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी की शादी 23 नवंबर 2017 को अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ में हुई थी। दोनों की एक बेटी गिरिशा कुमारी सिंह है, जो हिमाद्री सिंह के साथ रहती हैं। यह शादी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि दोनों का संबंध राजनीति से रहा है। हिमाद्री सिंह मध्यप्रदेश के एक बड़े आदिवासी राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके पिता दलवीर सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ आदिवासी नेता रहे और राजीव गांधी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे। उनकी मां राजेश नंदिनी सिंह भी विधायक और सांसद रह चुकी थीं। यानी हिमाद्री सिंह के लिए राजनीति कोई अचानक चुना हुआ रास्ता नहीं था, बल्कि यह उनके परिवार की राजनीतिक विरासत का हिस्सा रही है।

कांग्रेस से बीजेपी तक हिमाद्री का बढ़ता कद

हिमाद्री सिंह ने कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा और शहडोल लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचीं। इसके बाद 2024 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की। इस तरह हिमाद्री सिंह ने कम समय में अपनी पहचान एक प्रमुख युवा आदिवासी महिला नेता के तौर पर बनाई। संसद में उनकी मौजूदगी और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में भागीदारी ने भी उनके राजनीतिक प्रोफाइल को विस्तार दिया। यही वजह है कि उनके निजी जीवन से जुड़ा कोई भी घटनाक्रम राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन जाता है।

नरेंद्र मरावी की भी अपनी राजनीतिक पहचान

दूसरी तरफ नरेंद्र सिंह मरावी भी राजनीति से अनजान नाम नहीं हैं। उनका संबंध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बीजेपी की राजनीति से रहा है। उन्होंने वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में हिमाद्री सिंह की मां राजेश नंदिनी सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने पुष्पराजगढ़ विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ा, लेकिन यहां भी उन्हें सफलता नहीं मिली। नरेंद्र मरावी बाद में राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भी रहे। यानी दोनों के राजनीतिक रास्ते अलग-अलग होते हुए भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े रहे।

जब राजनीति में बढ़ा हिमाद्री का कद, बदले समीकरण

इस रिश्ते की कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू राजनीतिक सफर में आया बदलाव है। शादी के बाद हिमाद्री सिंह का राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया। वह बीजेपी के टिकट पर लगातार दो लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचीं। दूसरी ओर नरेंद्र मरावी की चुनावी राजनीति में वह सफलता नहीं आई। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनके बीजेपी से टिकट की कोशिशों की चर्चा रही। इसी दौर में दोनों के लंबे समय से अलग रहने की खबरें भी सामने आती रहीं। लेकिन यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा, टिकट या राजनीतिक मतभेद को उनके तलाक की वजह मानना केवल अटकल होगी। अदालत के फैसले के बाद भी रिश्ते के टूटने की वास्तविक वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है।

तलाक के बाद क्या बदलेगा?

कानूनी तौर पर वैवाहिक रिश्ता खत्म होने के बाद सबसे बड़ा सवाल अब राजनीतिक असर को लेकर है। हिमाद्री सिंह के लिए यह उनके निजी जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ है, लेकिन राजनीतिक रूप से उनका कद फिलहाल उनकी लगातार चुनावी सफलता और आदिवासी क्षेत्र में उनकी पकड़ से तय होगा। शहडोल की राजनीति में उनका अपना स्वतंत्र राजनीतिक आधार बन चुका है। नरेंद्र मरावी के लिए भी यह एक नई राजनीतिक शुरुआत का बिंदु हो सकता है। हालांकि उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होगा, यह भविष्य तय करेगा।

इस पूरी कहानी में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक रिश्ता खत्म हुआ है, लेकिन दो लोगों की राजनीतिक यात्राएं अभी जारी हैं। हिमाद्री सिंह की कहानी एक ऐसे राजनीतिक परिवार की विरासत से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचने की कहानी है, जबकि नरेंद्र मरावी की कहानी संगठनात्मक राजनीति, चुनावी संघर्ष और आदिवासी राजनीति में अपनी जगह बनाने की कोशिश से जुड़ी रही है। इसलिए इसे सिर्फ एक चर्चित तलाक की खबर के तौर पर देखना अधूरा होगा। यह निजी रिश्ते के अंत के साथ दो अलग-अलग राजनीतिक यात्राओं के एक नए अध्याय की शुरुआत भी है।

Tags: #Himadri Singh #Narendra Maravi relationship #ended but the story goes beyond just divorce
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

Karwa Chauth: ट्रेडिशन से फैशन तक करवाचौथ का सफर, अब पारंपरिक करवा की जगह ले रहे आकर्षक डिजाइनर करवा

Karwa Chauth: ट्रेडिशन से फैशन तक करवाचौथ का सफर, अब पारंपरिक करवा की जगह ले रहे आकर्षक डिजाइनर करवा

Karwa Chauth: ट्रेडिशन से फैशन तक करवाचौथ का सफर, अब पारंपरिक करवा की जगह ले रहे आकर्षक डिजाइनर करवा

धर्म
Modi Yogi 75 minute meeting

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

उत्तर प्रदेश
अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

मनोरंजन

RSS feed: Unknown Feed Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version