ब्रिक्स देशों को अगुवाई करता भारत , मुंह ताकता पाकिस्तान
भारत की अध्यक्षता में दो दिन का ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 नई दिल्ली में हो रहा है। सभी मेहमान आ चुके हैं और भारत की मेजबानी के चर्चे पूरे मीडिया में हैं। लेकिन इस भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान इसमें शामिल होने के लिए फड़फड़ा रहा है। वो लगातार तीन साल से इसके लिए इंतजार कर रहा है।
पाकिस्तान इंतजार कर रहा है सदस्य बनने के लिए
भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान तीन सालसे इंजतार कर रहा है। इंतजार इस बात का कि उसे ब्रिक्स का सदस्य बनाया जाए। पाकिस्तान ने ब्रिक्स देशों में शामिल होने के लिए 2023 में विधिवत आवदेन भी दिया था,लेकिन उसके आवदेन पर अभी तक कोई विचार नहीं किया गया।
पाकिस्तान को क्या आ रही है दिक्कतें
पाकिस्तान ब्रिक्स समूह का हिस्सा बनना चाहता है. इसके लिए उसने विधवत आवेदन किया है। लेकिन ब्रिक्स के सदस्य देशों की सहमति के बिना पाकिस्तान इसका हिस्सा नहीं बन सकता। ऐसे मे पाकिस्तान चीन और रूस को सहमत कर सकता है लेकिन भारत की ओर से उसे सहमति नहीं मिलेगी जिसके चलते पाकिस्तान को ब्रिक्स का हिस्सा बनने में परेशानी आ सकती है।
ब्रिक्स में पाकिस्तान क्यों आना चाहता है
दरअसल ब्रिक्स दुनिया के ताकतवर देशों का समूह है और दुनिया की तेजी से बढञती अर्थव्यवस्थाओं के इस समूह से जुड़कर पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर अपने व्यापार को बढ़ा सकता है। दुनिया में बढ़ते युद्द के खतरे और वैशिव्क अनिश्तताओं के बीच पाकिस्तान भी किसी एक संगठन से जुड़ना चाहता होगा जिससे किसी भी तरह के क्राइसेस में दुनिया की तेजी से उभरती अर्थवय्वस्थाओं का साथ उसे मिल सके। लेकिन भारत की न के बीच पाकिस्तान का ब्रिक्स देशों में शामिल हो पाना कठिन है।





