प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच जल्द द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। इसी बीच रूस ने संकेत दिया है कि भारत को Su-57 लड़ाकू विमान बेचने का प्रस्ताव उसके एजेंडे में शामिल है। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के मुताबिक, दोनों नेताओं की मुलाकात ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान होगी।
Su-57 रूस का पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है। इसे लंबी दूरी तक हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है और यह हवा से हवा तथा हवा से जमीन, दोनों तरह के मिशन को अंजाम दे सकता है। इसकी अधिकतम रफ्तार करीब 2,458 किलोमीटर प्रति घंटा यानी मैक 2.0 तक बताई जाती है। रूस ने इसे अमेरिकी F-22 रैप्टर और F-35 लाइटनिंग II जैसे लड़ाकू विमानों को टक्कर देने के उद्देश्य से विकसित किया है।
शक्तिशाली इंजन देता है लंबी उड़ान की क्षमता
Su-57 में लगाया गया इंजन इसे तेज गति के साथ लंबी दूरी तक उड़ान भरने में मदद करता है। इसकी बेहतर ईंधन दक्षता के कारण विमान कम ईंधन में लंबे मिशन पूरे कर सकता है। रूस इसके लिए नए और ज्यादा उन्नत इंजन पर भी काम कर रहा है, जिसका लक्ष्य विमान की क्षमता और सुपरक्रूज प्रदर्शन को बढ़ाना है।
करीब 50 मिलियन डॉलर तक हो सकती है कीमत
2025 के अनुमान के अनुसार Su-57 के निर्माण की लागत करीब 50 मिलियन डॉलर तक बताई गई थी। हालांकि अलग-अलग वेरिएंट और कॉन्फिगरेशन के हिसाब से इसकी कीमत में बदलाव हो सकता है। पेस्कोव ने यह भी कहा कि यूक्रेन संकट पर भारत का रुख रूस के रुख से काफी हद तक मेल खाता है और दोनों देश शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं।





