Sunday, September 6, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home मुख्य समाचार

सोने का 'महाप्रवास': डॉलर की विश्वसनीयता के पतन का मौन

DigitalDesk by DigitalDesk
September 6, 2026
in मुख्य समाचार
0
सोने का 'महाप्रवास': डॉलर की विश्वसनीयता के पतन का मौन
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

नीदरलैंड के केंद्रीय बैंक ने हाल ही में घोषणा की कि उसने मार्च से
अगस्त तक लगभग 86 टन सोना अमेरिका के न्यूयॉर्क और कनाडा
के ओटावा से लंदन में स्थानांतरित किया है। इस समायोजन के बाद,
न्यूयॉर्क में नीदरलैंड के सोने का अनुपात 31.3 फीसदी से घटकर 18.5
फीसदी हो गया, जबकि लंदन में यह 18.1 फीसदी से बढ़कर 32.1
फीसदी हो गया। साथ ही, फ्रांस के केंद्रीय बैंक ने न्यूयॉर्क से 129 टन
सोने की वापसी पूरी की। यह सोना 1920 के दशक के अंत से लगभग
एक सदी तक वहाँ रखा गया था, और इस अभियान को 26 किश्तों में
संपन्न किया गया। अब फ्रांस का कुल 2,437 टन सोने का भंडार पूरी
तरह से उसके अपने क्षेत्र में है, जिससे वह उन कुछ देशों में शामिल हो
गया है जिनके पास अपना पूरा स्वर्ण भंडार है। जर्मनी 2013 से 2017 के
बीच 300 टन सोना वापस ले चुका है, और हालांकि न्यूयॉर्क में अभी भी
1,236 टन उसका सोना मौजूद है, वहाँ घरेलू स्तर पर और अधिक
वापसी की मांग तेज हो रही है। पोलैंड ने 2023 में 100 टन से अधिक
सोना लंदन से वारसॉ स्थानांतरित किया, और हंगरी, रोमानिया जैसे
देश भी इस क्रम में शामिल हो रहे हैं।

सतही तौर पर यह जोखिम-विविधीकरण की एक परिसंपत्ति-
पुनर्व्यवस्था प्रतीत होती है, लेकिन वास्तव में यह अमेरिकी वित्तीय
वर्चस्व के दुरुपयोग के खिलाफ केंद्रीय बैंकों का अविश्वास का वोट है।
नीदरलैंड के केंद्रीय बैंक ने खुलकर चिंता जताई कि "अमेरिका नीदरलैंड
भुगतान लेन-देन को आसानी से रोक सकता है"। यह उन सभी देशों के
डर को व्यक्त करता है जिन्होंने अपना सोना विदेशों में रखा है। यह भय
निराधार नहीं है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद, अमेरिका और उसके

Related posts

PM Modi hits back at intellectual Naxals likens them to a disgruntled uncle someone who is never pleased with good work

दिमागी नक्सल’ पर PM मोदी का पलटवार…दिमागी नक्सलियों को अब बताया नाराज फूफा…अच्छे काम नाराज फूका को नहीं आते पसंद!

September 6, 2026
Uproar in the Pakistan team PCB has taken away the players phones Is there a fear of match-fixing

पाकिस्तान क्रिकेट में ‘फिक्सिंग’ का साया: टीम में हड़कंप…PCB ने खिलाड़ियों के फोन लिए…क्या मैच फिक्सिंग का डर?

September 6, 2026

सहयोगियों ने रूस के लगभग 3 खरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार को
फ्रीज कर दिया। इससे पहले अफगानिस्तान के 7 अरब डॉलर, ईरान,
वेनेजुएला आदि देशों की संपत्तियां भी जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं।
'सुरक्षित परिसंपत्ति' अब 'प्रतिबंधों का हथियार' बन गई है, और देशों
को अपने विदेशी परिसंपत्ति जोखिम का पुनर्मूल्यांकन करने को मजबूर
होना पड़ रहा है।

इसके अलावा, अमेरिकी संघीय ऋण 400 खरब डॉलर से अधिक हो
चुका है, और डॉलर की क्रय-शक्ति में दीर्घकालिक गिरावट जारी है।
विश्व के केंद्रीय बैंक यह गणना कर चुके हैं कि सोना अंतिम भुगतान
साधन है जिसे किसी देश की साख की आवश्यकता नहीं होती। बेहतर
होगा कि इस 'आधारशिला' को दूसरों के नियंत्रण में न छोड़ा जाए,
बल्कि इसे अपनी मुट्ठी में रखा जाए। विडंबना यह है कि यह चिंता
सबसे पहले अमेरिका के यूरोपीय सहयोगियों में उठी। जब सबसे करीबी
साझेदार भी अपना कदम पीछे खींचने लगें, तो यह स्पष्ट संकेत है कि
डॉलर प्रणाली द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अपने सबसे गंभीर विश्वास
संकट का सामना कर रही है। सोने का यह प्रवासन डॉलर के वर्चस्व को
तुरंत नहीं उलट सकता, लेकिन यह एक अपरिवर्तनीय प्रवृत्ति को
उजागर करता है। वैश्विक आरक्षित तर्क 'तरलता-प्रधान' से 'परिसंपत्ति
संप्रभुता सुरक्षा-सहित' की ओर बढ़ रहा है, और डॉलर-विमुक्तीकरण
की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। एकध्रुवीय आधिपत्य का युग धीरे-धीरे ढल
रहा है, और एक बहु-मुद्रा, बहु-ध्रुवीय नई व्यवस्था की रूपरेखा इस सोने
के भंडार की वापसी से उभरने लगी है।

(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

 

 

Tags: #Gold #GoldReserves #Dollar #DollarDominance #DeDollarization #CentralBanks #GlobalEconomy #USDollar #GoldRepatriation #GoldReserve #FinancialSystem #EconomicNews #ChinaNews #CMG #ChinaMediaGroup
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

Rohit Sharma के संन्यास की अटकलों के बीच BCCI की अहम बैठक, क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे हिटमैन?

Rohit Sharma के संन्यास की अटकलों के बीच BCCI की अहम बैठक, क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे हिटमैन?

Rohit Sharma के संन्यास की अटकलों के बीच BCCI की अहम बैठक, क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे हिटमैन?

मुख्य समाचार
Apple CEO जॉन टर्नस की सैलरी कितनी? टिम कुक से कितना बड़ा है नया पैकेज

Apple CEO जॉन टर्नस की सैलरी कितनी? टिम कुक से कितना बड़ा है नया पैकेज

बिजनेस
Cricket News Update: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, 15 साल 157 दिन की उम्र में रचा इतिहास

Cricket News Update: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, 15 साल 157 दिन की उम्र में रचा इतिहास

मनोरंजन

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version