चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर
जापारोव ने 31 अगस्त की सुबह बिश्केक स्थित हार्मनी पैलेस में
मुलाकात की।
इस मौके पर शी चिनफिंग ने कहा कि हाल के वर्षों में हमारे समान
नेतृत्व में चीन-किर्गिस्तान संबंधों का बड़ा विकास हुआ। विभिन्न क्षेत्रों के
सहयोग में व्यापक उपलब्धियां मिलीं। इससे दोनों देशों के विकास में
मदद मिली और व्यापक लोगों को लाभ पहुंचा। इसके साथ ही क्षेत्रीय
शांति, स्थिरता और समृद्धि में भी इजाफा हुआ।
इस साल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ है और चीन में 15वीं
पंचवर्षीय योजना का पहला साल है। चीन अपनी शैली वाले आधुनिकीकरण
से व्यापक तौर पर मजबूत देश का निर्माण और राष्ट्रीय पुनरुत्थान का
महान कार्य बढ़ा रहा है। वहीं, किर्गिस्तान भी पूरी तरह से वर्ष 2030 से
पहले राष्ट्रीय विकास योजना लागू कर रहा है। चीन किर्गिस्तान के साथ
विकास की रणनीतियों के तालमेल को मज़बूत करना चाहता है, राष्ट्रीय
शासन में अनुभव व आदान-प्रदान गहराना चाहता है और सहयोग की
ज्यादा व्यवहारिक उपलब्धयां बनाना चाहता है। ताकि चीन-किर्गिस्तान
साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण मजबूत हो सके।
शी चिनफिंग ने कहा कि उच्च स्तरीय आपसी राजनीतिक विश्वास
और मजबूत आपसी समर्थन चीन-किर्गिस्तान संबंधों के विकास की अहम
गारंटी है। चीन राष्ट्रीय प्रभुसत्ता, स्वतंत्रता और प्रादेशिक अखंडता की रक्षा
में किर्गिस्तान का दृढ़ समर्थन करता है। चीन-किर्गिस्तान स्थाई अच्छे
पड़ोसियों जैसी मैत्री और सहयोग संधि पर हस्ताक्षर करने से दोनों देशों की
पीढ़ी दर पीढ़ी दोस्ती और मजबूत आपसी समर्थन के लिए अहम कानूनी
आधार तैयार होगा।
शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और किर्गिस्तान को व्यवहारिक
सहयोग मजबूत करने के साथ अंतर-सरकारी आर्थिक और व्यापारिक
सहयोग योजना का कार्यान्वयन करना चाहिए। इसके साथ ही दोनों देशों
को चीन-किर्गिस्तान-उज्बेकिस्तान रेलवे के निर्माण, हरित विकास, एआई
के विकास, लोगों के बीच आदान-प्रदान और कानून प्रवर्तन व सुरक्षा में
सहयोग बढ़ाना चाहिए। एससीओ के संस्थापक देश होने के नाते चीन
और किर्गिस्तान को समान क्षेत्रीय विकास बढ़ाना चाहिए, ताकि एससीओ
का विकास नए स्तर तक पहुंच सके।
वहीं, जापारोव ने कहा कि हाल के वर्षों में किर्गिस्तान और चीन के
बीच नए युग में व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तेज विकास के चलते
दोनों देशों के बीच संबंध इतिहास में सबसे ऊंचा स्तर पर पहुंचे।
किर्गिस्तान चीन की सहायता के लिए आभारी है और राष्ट्रीय शासन में
चीन के अनुभव से सीखना चाहता है। किर्गिस्तान हमेशा अपनी विदेश
नीति में चीन को प्राथमिकता देता है। किर्गिस्तान एक चीन की नीति पर
कायम रहता है और आपसी सम्मान, समानता और पारस्परिक लाभ के
आधार पर चीन के साथ अच्छे पड़ोसियों जैसे मित्रवत संबंधों का विकास
करना चाहता है। किर्गिस्तान चीन के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग
मजबूत करना चाहता है और यूएन, एससीओ, चीन-मध्य एशिया तंत्र व
विश्व एआई सहयोग संगठन आदि बहुपक्षीय मंचों पर समन्वय मजबूत
करना चाहता है। ताकि एक साथ विश्व शांति और स्थिरता की रक्षा की
जा सके।
जापारोव ने किर्गिस्तान की सरकार और जनता की ओर से चीन के
शीत्सांग की चीलोंग काउंटी में आई प्राकृतिक आपदा के प्रति गहरी
संवेदना व्यक्त की। शी चिनफिंग ने इसके लिए आभार जताया और कहा
कि चीन आपदा पर काबू पाने और घर का पुनर्निर्माण करने में सक्षम
और विश्वस्त है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)




