उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले में एक छोटा-सा गाँव है—कल्ली पश्चिम। यहीं पर रहते हैं रामू, जिनके पिता का नाम श्री पूर्णमासी है। 35 वर्ष की उम्र में जहाँ ज़्यादातर लोग अपने करियर को एक नई दिशा दे रहे होते हैं, वहीं रामू जी के लिए यह उम्र एक नए संघर्ष और फिर उस संघर्ष से उभरने की कहानी बन गई।
रामू जी के परिवार में कुल पाँच लोग हैं। कुछ समय पहले तक हालात इतने खराब थे कि घर की रसोई से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक, हर जगह तंगी ही तंगी थी। बेरोजगारी ने उनके जीवन में एक ऐसा अंधेरा कर दिया था, जहाँ आने वाले कल की कोई उम्मीद नज़र नहीं आती थी। रामू जी बताते हैं कि वह दिन-ब-दिन चिंता में डूबते जा रहे थे, क्योंकि एक तरफ घर का खर्च था और दूसरी तरफ दो छोटे बच्चों का भविष्य, जो उनकी आँखों के सामने अधूरा सा मंडरा रहा था।
पर जीवन में एक मोड़ तब आया, जब उन्होंने उत्तर प्रदेश ग्रामीण विकास बैंक (UPGVB) की मोहनलालगंज शाखा का दरवाजा खटखटाया। वे बताते हैं, “बैंक जाना मेरी ज़िन्दगी का सबसे अहम फैसला था।” वहाँ उन्हें NSFDC (LVY) योजना के बारे में पता चला, जो खासतौर पर उन जैसे लोगों के लिए है, जिनके पास मेहनत तो है पर पूँजी नहीं।
NSFDC (LVY) के तहत लिया लोन
2024 में रामू जी ने हिम्मत जुटाई और इस योजना के तहत 3,50,000 रुपये का ऋण लिया। इस पैसे से उन्होंने एक नया ऑटो रिक्शा खरीदा। यह ऑटो उनके लिए सिर्फ एक वाहन नहीं था, बल्कि उनकी गरीबी को पीछे छोड़ने की चाबी थी। अब उन्हें हर महीने करीब 28,000 से 29,000 रुपये की कमाई होने लगी है।
रामू की आँखों में आज एक अलग ही चमक है। वे कहते हैं, “पहले मेरे बच्चे स्कूल की किताबों को हाथ लगाने से डरते थे, क्योंकि मुझे नहीं पता था कि फीस कहाँ से लाऊँ। आज मैं खुद उनकी फीस भरता हूँ और गर्व से देखता हूँ कि वे पढ़-लिख रहे हैं।” अपनी इसी कमाई से वे पूरे परिवार का ख़र्चा उठाते हैं, खाने-पीने से लेकर त्योहारों तक, अब हर चीज़ में थोड़ी सहूलियत है।
आज रामू की आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले कई गुना बेहतर है। जो परिवार कभी दो वक्त की रोटी के लिए तरसता था, आज वही परिवार सम्मान के साथ जीवन यापन कर रहा है। ऑटो रिक्शा की यह सवारी केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके सपनों को एक नई उड़ान दे रही है।
अपने इस सफर के बारे में भावुक होते हुए रामू एक बात बार-बार कहते हैं—”बेहतर आय ने मुझे मेरे बच्चों को अच्छी शिक्षा देने और पूरे परिवार के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने में सक्षम बनाया है।” वे कहते हैं कि आज उन्हें किसी से हाथ नहीं फैलाना पड़ता, न ही किसी के सामने झुकना पड़ता है। यह आत्मविश्वास उन्हें NSFDC की इस योजना से मिला है, और वे उम्मीद करते हैं कि और भी गरीब परिवार इस योजना का लाभ उठाकर अपनी ज़िन्दगी बदल सकते हैं।





