शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार बेहद सीमित दायरे में रहा। सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ बंद हुए, लेकिन दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज हुई। वैश्विक बाजारों में बॉन्ड यील्ड बढ़ने, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर निवेशकों की चिंता का असर बाजार की चाल पर साफ दिखाई दिया।
सेंसेक्स में सिर्फ 3 अंक की बढ़त, निफ्टी भी मामूली चढ़ा
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 3.11 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 20.15 अंक यानी 0.08 प्रतिशत ऊपर जाकर 24,252.00 के स्तर पर रहा। बाजार में बड़ी तेजी नहीं आई, क्योंकि निवेशकों ने वैश्विक संकेतों को देखते हुए नए दांव लगाने से सावधानी बरती।
24,000 से 24,200 का स्तर निफ्टी के लिए अहम सहारा
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक निफ्टी के लिए 24,000 से 24,200 का दायरा फिलहाल मजबूत सपोर्ट जोन बना हुआ है। 24,000 के स्तर पर बड़ी संख्या में पुट ओपन इंटरेस्ट होने से इस क्षेत्र को अहम माना जा रहा है। वहीं ऊपर की तरफ 24,300 से 24,400 का क्षेत्र निफ्टी के लिए बड़ी चुनौती है।
24,400 के पार निकला बाजार तो 24,600 तक जा सकता है निफ्टी
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर निफ्टी 24,360 से 24,400 के प्रतिरोध क्षेत्र को मजबूती से पार करता है, तो बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स 24,500 से 24,600 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। फिलहाल बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों पर निर्भर रहेगी।
मिडकैप और स्मॉलकैप में दिखी मजबूती, मेटल और बैंक शेयर चमके
व्यापक बाजार में शुक्रवार को कुछ राहत दिखाई दी। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.1 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.69 प्रतिशत चढ़ा। सेक्टरों में निफ्टी मेटल और निफ्टी प्राइवेट बैंक बेहतर प्रदर्शन करने वाले रहे, जबकि FMCG, ऑटो और IT इंडेक्स दबाव में रहे। ट्रेंट, मारुति सुजुकी इंडिया और इंटरग्लोब एविएशन प्रमुख कमजोर शेयरों में शामिल रहे। विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ती बॉन्ड यील्ड, महंगा कच्चा तेल और अमेरिका-ईरान तनाव बाजार के लिए फिलहाल बड़ी चिंताएं बने हुए हैं।





