हाल ही में, मकाओ विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की तीसरी
पंचवर्षीय योजना (2026 से 2030 तक) आधिकारिक रूप से जारी की गई है। 35 मुख्य
विकास संकेतकों, 68 विशेष कॉलमों और 310 प्रमुख कार्यों को शामिल करने वाली यह
योजना अगले पांच वर्षों और लंबी अवधि में मकाओ के विकास की स्पष्ट दिशा तय करती
है। यह मकाओ की विशेषताओं के साथ "एक देश, दो व्यवस्थाएं" के सफल कार्यान्वयन की
दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और "एक योजना से भविष्य का मार्गदर्शन" करने का खास
महत्व रखती है।
"एक देश, दो व्यवस्थाएं" के सफल कार्यान्वयन के उदाहरण के रूप में मकाओ ने हाल के
वर्षों में मजबूत विकास की नींव तैयार की है। मकाओ ने अपनी दूसरी पंचवर्षीय योजना के
सभी 20 मुख्य संकेतकों के लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। 2025 में मकाओ का स्थानीय सकल
घरेलू उत्पाद 4.18 खरब मकाओ डॉलर तक पहुंच गया। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी
आईएमएफ ने भी पुष्टि की है कि मकाओ की अर्थव्यवस्था में पर्याप्त लचीलापन है, उसकी
वित्तीय व्यवस्था स्थिर है और उद्योगों के विविधीकरण में चरणबद्ध प्रगति हुई है। 2024
में गैर-जुआ उद्योगों का मूल्य वर्धित अनुपात बढ़कर 56.7 प्रतिशत हो गया।
हालांकि, बाहरी वातावरण में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच मकाओ को अभी भी
औद्योगिक ढांचे से जुड़ी पुरानी चुनौतियों और जनकल्याण से जुड़ी कमियों को दूर करने की
जरूरत है। ऐसे में तीसरी पंचवर्षीय योजना मकाओ की वास्तविक स्थिति और चीन की
15वीं पंचवर्षीय योजना के साथ तालमेल को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया एक
व्यावहारिक रोडमैप है। यह योजना मकाओ को देश के विकास में और सक्रिय रूप से शामिल
होने तथा उसकी सेवा करने की दिशा दिखाती है। साथ ही, यह विशेष प्रशासनिक क्षेत्र की
प्रशासनिक क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करते हुए समाज के विभिन्न वर्गों की सहमति को
साथ लाने और आर्थिक विकास के साथ जनकल्याण के बीच संतुलन बनाने पर भी जोर देती
है।इसी क्रम में, योजना में मकाओ के भविष्य के विकास की प्रमुख दिशाएं भी स्पष्ट की गई हैं।
मकाओ ने राष्ट्रीय सुरक्षा के समग्र दृष्टिकोण को आठ विकास लक्ष्यों में सबसे ऊपर रखा है
और उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत आधार बनाया है। साथ
ही, "1+4" विविध उद्योग विकास रणनीति पर ध्यान केंद्रित करते हुए 2030 तक गैर जुआ
उद्योगों का मूल्य वर्धित अनुपात 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। हंगछिन-
क्वांगतोंग-मकाओ गहन सहयोग क्षेत्र के निर्माण के लिए भी योजना में विशेष प्रावधान किए
गए हैं, जिससे औद्योगिक उन्नयन को मजबूत समर्थन मिलेगा।
इसके अलावा, मकाओ के मुक्त बंदरगाह, एकल सीमा शुल्क क्षेत्र और चीनी तथा पश्चिमी
संस्कृतियों के संगम जैसे विशिष्ट लाभों का बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा। चीन और
पुर्तगाली तथा स्पेनिश भाषी देशों के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक सहयोग को और गहरा
किया जाएगा। इससे घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोहरे चक्र को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण केंद्र के रूप
में मकाओ की भूमिका मजबूत होगी और देश के उच्च स्तरीय खुलेपन में उसका योगदान
बढ़ेगा।
इस तरह, "एक देश" के मूल सिद्धांत का पालन करते हुए और "दो व्यवस्थाएं" के लाभों का
बेहतर इस्तेमाल करते हुए मकाओ देश के विकास की व्यापक प्रक्रिया में और गहराई से
शामिल होगा। इससे उसकी विकास क्षमता लगातार सामने आएगी और "एक देश, दो
व्यवस्थाएं" के सफल कार्यान्वयन का एक नया उदाहरण लगातार सामने आएगा।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





