देश में मॉनसून की तस्वीर इस वक्त दोहरी नजर आ रही है। एक तरफ कुल बारिश सामान्य से करीब 13 फीसदी कम है और उत्तर-पश्चिम भारत में सूखी हवाएं मॉनसून की सक्रियता कमजोर होने के संकेत दे रही हैं, तो दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में बनी मौसम प्रणाली ने कई राज्यों में बारिश का दौर तेज कर दिया है। 19 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है। पहाड़ी राज्यों में भी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। सवाल ये है कि क्या अगस्त के आखिरी दिनों में मॉनसून बारिश की कमी पूरी कर पाएगा?
13 फीसदी बारिश की कमी, फिर सक्रिय हुआ मॉनसून
देश में इस मॉनसून सीजन में अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 13 फीसदी कम बताई जा रही है। हालांकि इसका असर पूरे देश में एक जैसा नहीं है। पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश सामान्य के आसपास रही है, जबकि उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिणी प्रायद्वीपीय इलाकों के कई हिस्सों में बारिश की कमी बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों की नजर अब अगस्त के आखिरी हिस्से और सितंबर की शुरुआत पर है। खरीफ फसलों के लिए अगस्त और सितंबर की बारिश बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अगर बारिश की कमी बनी रहती है तो मिट्टी की नमी, फसल उत्पादन और जल संसाधनों पर असर पड़ सकता है।
हालांकि मॉनसून की आधिकारिक विदाई अभी नहीं मानी जा सकती। उत्तर-पश्चिम भारत से मॉनसून की वापसी आमतौर पर सितंबर के आसपास शुरू होती है। इसके लिए लगातार कई दिनों तक बारिश की गतिविधि में कमी और वायुमंडल में विशेष परिस्थितियों का बनना जरूरी होता है।
दिल्ली-NCR में बारिश से राहत
19 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। दिल्ली के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बारिश का असर दिखाई दे सकता है।
20 अगस्त को भी बारिश की संभावना बनी रहेगी, जबकि 21 अगस्त को कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम के इस बदलाव से तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
यूपी के कई हिस्सों में भारी बारिश
उत्तर प्रदेश में 19 अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगह भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट चिंता बढ़ा रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।
बिहार में भी बारिश का दौर
बिहार में 19 अगस्त को व्यापक बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधि जारी रहने का अनुमान जताया है। 24 अगस्त तक कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
लगातार बारिश से नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव पर भी नजर रखी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को मौसम के अनुसार खेतों में काम करने की सलाह दी जा रही है।
ओडिशा-झारखंड में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय
बंगाल की खाड़ी में बनी मौसम प्रणाली का सबसे ज्यादा प्रभाव पूर्वी भारत के राज्यों पर दिखाई दे रहा है। ओडिशा में कई इलाकों में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनी हैं।
सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बरगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। संबलपुर, देवगढ़, क्योंझर, सोनपुर और बलांगीर में भारी बारिश का येलो अलर्ट है।
इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी संभावना है। झारखंड में भी भारी बारिश की चेतावनी है।
उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड में देहरादून, टिहरी, पौड़ी और ऊधमसिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। राज्य के बाकी हिस्सों में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर मलबा आने से सड़कें प्रभावित हुई हैं। उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों में मलबा आने की खबर है। चमोली में भी भारी बारिश का असर दिखाई दिया है।
ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की सलाह को प्राथमिकता देनी होगी।
मध्यप्रदेश में भी तेज बारिश के आसार
मध्यप्रदेश में भी 19 अगस्त को मॉनसून सक्रिय रहने के संकेत हैं। पूर्वी मध्यप्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। खासतौर पर पूर्वी हिस्सों में रहने वाले लोगों को तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। किसानों के लिए बारिश फसलों की नमी के लिहाज से उपयोगी हो सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में खेतों से पानी की निकासी भी जरूरी होगी।
राजस्थान में कमजोर रहेगा मॉनसून
राजस्थान में अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी रहने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 20 से 23 अगस्त के दौरान भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश के आसार हैं।
वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। बीकानेर संभाग के उत्तरी हिस्सों और शेखावाटी में 20 से 22 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
हिमाचल में भी अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून फिर सक्रिय होता दिख रहा है। अगले चार-पांच दिनों तक कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। 19 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना है।
21 अगस्त तक किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। निचले और मध्यम पहाड़ी क्षेत्रों में आंधी, बिजली और तेज हवाओं का खतरा रहेगा।
क्या सितंबर में पूरी होगी बारिश की कमी?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि मॉनसून की कुल बारिश में मौजूद करीब 13 फीसदी की कमी क्या सीजन खत्म होने से पहले पूरी हो पाएगी? फिलहाल इसका निश्चित जवाब देना मुश्किल है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाली नई मौसम प्रणालियां अगस्त के आखिरी दिनों में बारिश को फिर सक्रिय कर सकती हैं।
लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत में सूखी हवाओं का बढ़ता प्रभाव मॉनसून की गतिविधियों में बदलाव का संकेत जरूर दे रहा है। इसलिए आने वाले एक-दो सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण हैं।
कुल मिलाकर 19 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश का जोर रहेगा। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्यप्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी यूपी, विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में भारी बारिश हो सकती है। मॉनसून की विदाई अभी दूर है, लेकिन बारिश की कमी पूरी करने की चुनौती जरूर बनी हुई है।





