26 राज्यों में मॉनसून का प्रहार!
देशभर में मॉनसून अपने चरम पर है और 8 अगस्त को भी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर समेत 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब सहित कई राज्यों में येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट के तहत भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। लगातार हो रही बारिश से कई शहरों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है।
दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार से ही बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार यानी 8 अगस्त को भी राजधानी में पूरे दिन बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह से दोपहर के बीच हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है। शाम और रात के समय भी बारिश जारी रहने की संभावना है। लगातार वर्षा को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में भी मॉनसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में व्यापक वर्षा की संभावना जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शनिवार को अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश का अनुमान है। गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बिहार में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। लगातार वर्षा से नदियों के जलस्तर में वृद्धि और जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग सहित कई हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही वर्षा के कारण कई नदियां और बांध भराव की स्थिति में पहुंच चुके हैं। ऐसे में प्रशासन ने नदी-नालों से दूर रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
राजस्थान में मॉनसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 9 अगस्त तक कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा हो सकती है। लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने जलभराव और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।
महाराष्ट्र में विशेष रूप से विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। वहीं गुजरात के कई जिलों में भी तेज वर्षा की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों के लिए भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में कई स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है। असम के कई जिलों में पहले से बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। वहीं दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक और तटीय क्षेत्रों में भी भारी वर्षा का अनुमान है। केरल में नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी ट्रफ सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर सक्रिय है और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिल रही है। यही कारण है कि उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में व्यापक वर्षा का दौर बना हुआ है। अगले 48 से 72 घंटे तक कई राज्यों में मौसम का यही रुख रहने की संभावना है।
क्या रखें सावधानी?
- जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न रुकें।
- पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।
- प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
- नदी, नाले और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
8 अगस्त का दिन देश के बड़े हिस्से के लिए बारिश और सतर्कता का दिन रहने वाला है। दिल्ली-एनसीआर में रेड अलर्ट, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित 26 राज्यों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी इस बात का संकेत है कि मॉनसून फिलहाल थमने वाला नहीं है। ऐसे में नागरिकों के लिए सावधानी, प्रशासन के निर्देशों का पालन और मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखना सबसे जरूरी होगा।





