एनसीआर का नया कनेक्टिविटी कॉरिडोर
उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच सफर को आसान बनाने वाला फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद एक्सप्रेसवे यानी FNG एक्सप्रेसवे जल्द ही एनसीआर की तस्वीर बदलने वाला है। करीब 56 किलोमीटर लंबे इस 6 लेन एक्सप्रेसवे का उद्देश्य दिल्ली में प्रवेश किए बिना यूपी और हरियाणा के प्रमुख शहरों को जोड़ना है। परियोजना पूरी होने के बाद नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को तेज और सुगम यातायात सुविधा मिलेगी।
दिल्ली के जाम से मिलेगी मुक्ति
अभी गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद के बीच आवाजाही करने वाले वाहनों को दिल्ली के व्यस्त रास्तों जैसे आश्रम चौक, कालिंदी कुंज और बदरपुर बॉर्डर से होकर गुजरना पड़ता है। इसके कारण रोजाना भारी जाम की स्थिति बनती है। FNG एक्सप्रेसवे के पूरी तरह तैयार होने के बाद वाहन सीधे यूपी से हरियाणा पहुंच सकेंगे और दिल्ली के अंदर जाने की जरूरत काफी कम हो जाएगी।
NH-9 से शुरू होगा गाजियाबाद कनेक्शन
FNG एक्सप्रेसवे का गाजियाबाद वाला हिस्सा करीब 8 किलोमीटर का होगा, जो NH-9 से जुड़ेगा। इसके जरिए गाजियाबाद के छिजारसी, राहुल विहार और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं नोएडा में यह एक्सप्रेसवे सेक्टर-63, 121, 142, 143 और 168 जैसे प्रमुख इलाकों से होकर गुजरेगा।
यमुना पर बनेगा बड़ा पुल
इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नोएडा और फरीदाबाद के बीच यमुना नदी पर बनने वाला पुल है। इस पुल के तैयार होने के बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। फरीदाबाद क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाओं के कारण काम में देरी हुई, लेकिन अब इसे तेजी से पूरा करने की तैयारी की जा रही है।
कई बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा नेटवर्क
FNG एक्सप्रेसवे केवल तीन शहरों को जोड़ने वाली सड़क नहीं होगी, बल्कि यह दिल्ली-एनसीआर के कई बड़े एक्सप्रेसवे का हिस्सा बनेगा। यह नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा।
इससे आगरा, मथुरा, लखनऊ, मेरठ, उत्तराखंड, राजस्थान और गुजरात की ओर जाने वाले वाहनों को भी बेहतर मार्ग मिलेगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के उद्योगों, रियल एस्टेट और रोजगार के अवसरों को भी इसका बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
2026-27 तक पूरा होने की उम्मीद
उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार इस परियोजना को जल्द पूरा करने की दिशा में काम कर रही हैं। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंपने की तैयारी भी चल रही है। अगर निर्माण कार्य तय गति से आगे बढ़ा तो FNG एक्सप्रेसवे 2026 के अंत या 2027 तक पूरी तरह चालू हो सकता है।
FNG एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं रहेगा, बल्कि पूरे एनसीआर के लिए आर्थिक विकास और तेज परिवहन का नया गलियारा साबित हो सकता है। नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, उद्योग और रोजमर्रा के सफर में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।





