चीन के लॉजिस्टिक्स सेक्टर ने वर्ष 2026 की पहली छमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में सामाजिक रसद (सोशल लॉजिस्टिक्स) का कुल मूल्य 1811 खरब युवान रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.1 प्रतिशत अधिक है। भारतीय मुद्रा में इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹2.16 लाख लाख करोड़ (216 क्वाड्रिलियन रुपये) के बराबर बैठती है। इससे साफ है कि चीन का लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति तंत्र लगातार विस्तार कर रहा है।
पहले छह महीनों में लॉजिस्टिक्स उद्योग की आय में हुई उल्लेखनीय वृद्धि
जनवरी से जून 2026 के बीच चीन के लॉजिस्टिक्स उद्योग की कुल आय 72 खरब युवान दर्ज की गई, जो सालाना आधार पर 4.7 प्रतिशत अधिक है। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग ₹8.60 लाख करोड़ रुपये के बराबर है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और ई-कॉमर्स के विस्तार ने इस क्षेत्र को मजबूती प्रदान की है।
रेल, हवाई और एक्सप्रेस डिलीवरी सेवाओं ने दिखाया दमदार प्रदर्शन
रिपोर्ट के अनुसार, चीन रेलवे ने छह महीनों में 201 करोड़ 50 लाख टन माल का परिवहन किया, जिसमें 1.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। वहीं, नागरिक उड्डयन क्षेत्र ने 50 लाख 73 हजार टन कार्गो परिवहन पूरा किया, जो पिछले साल की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक रहा। इसके अलावा, एक्सप्रेस डिलीवरी कारोबार से 7 खरब 71 अरब 41 करोड़ युवान (करीब ₹92 हजार करोड़ रुपये) की आय हुई, जिसमें 7.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हरित विकास और ई-कॉमर्स बन रहे हैं नई आर्थिक ताकत
चीन में औद्योगिक वस्तुओं के लॉजिस्टिक्स मूल्य में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि ऑनलाइन बिक्री में भी 4.8 प्रतिशत से अधिक का इजाफा देखने को मिला। विशेषज्ञों के अनुसार, हरित और कम-कार्बन तकनीक, उच्च स्तरीय विनिर्माण तथा सीमा-पार ई-कॉमर्स देश की आर्थिक वृद्धि को नई दिशा दे रहे हैं। लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बढ़ती मांग भविष्य में चीन की आर्थिक गति को और मजबूत कर सकती है।
प्रमुख आर्थिक आंकड़े (जनवरी-जून 2026)
| विवरण | चीनी मुद्रा (युवान) | भारतीय मुद्रा (अनुमानित) |
|---|---|---|
| सामाजिक लॉजिस्टिक्स का कुल मूल्य | 1811 खरब युवान | लगभग ₹2.16 लाख लाख करोड़ |
| लॉजिस्टिक्स उद्योग की कुल आय | 72 खरब युवान | लगभग ₹8.60 लाख करोड़ |
| एक्सप्रेस डिलीवरी कारोबार की आय | 7 खरब 71 अरब 41 करोड़ युवान | लगभग ₹92 हजार करोड़ |
| रेलवे माल परिवहन | 201.50 करोड़ टन | – |
| हवाई माल परिवहन | 50.73 लाख टन | – |





