चीन के उत्तर-पूर्वी हिस्से में बाघों और तेंदुओं की जंगली आबादी में
पुनर्स्थापनात्मक वृद्धि हुई
29 जुलाई को वैश्विक बाघ दिवस मनाया जाता है। चीनी राष्ट्रीय वानिकी और
घासभूमि प्रशासन द्वारा जारी नवीनतम निगरानी आंकड़ों के अनुसार चीन में
पूर्वोत्तरबाघों और तेंदुओं की जंगली आबादी में पिछले एक दशक में लगातार
सुधार हुआ है।
पूर्वोत्तर बाघ और तेंदुआ राष्ट्रीय उद्यान में, जंगली पूर्वोत्तर बाघों की संख्या
2017 में 27 से बढ़कर 72 हो गई है, और जंगली पूर्वोत्तर तेंदुओं की संख्या 42 से
बढ़कर 115 हो गई है, जो संख्या में दोगुने से भी अधिक की वृद्धि है। यह प्रमुख
प्रजातियों के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
रिपोर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में चीन ने राष्ट्रीय उद्यानों को मुख्य आधार
बनाकर प्रकृति संरक्षण प्रणाली के निर्माण में तेजी लाई है, लुप्तप्राय प्रजातियों की
बचाव परियोजनाओं को लागू किया है, और वन्यजीव निगरानी नेटवर्क और
बचाव प्रणालियों के निर्माण को मजबूत किया है। पूर्वोत्तरबाघों और पूर्वोत्तर
तेंदुओं जैसी प्रमुख प्रजातियों के आवासों में प्रभावी सुधार हुआ है, जिससे उनकी
आबादी के प्रजनन, वृद्धि और पुनर्स्थापन को काफी बढ़ावा मिला है।
पूर्वोत्तर बाघ एवं तेंदुआ राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के बाद से, इसने विशेष रूप
से पारिस्थितिक संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं निगरानी, कानून प्रवर्तन एवं
पर्यवेक्षण, जनजीवन संरक्षण और सीमा पार सहयोग को व्यापक रूप से बढ़ावा
दिया है। पूर्वोत्तर बाघों की गतिविधि के 30,000 से अधिक मामले और पूर्वोत्तर
तेंदुओं की गतिविधि के 40,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, चीन ने सीमा पार संरक्षण सहयोग को बढ़ावा देना जारी रखा
है, रूस के लेपर्ड लैंड नेशनल पार्क के साथ जनसंख्या सांख्यिकी, सीमा पार गश्त
और सूचना साझाकरण जैसे कार्यों को संयुक्त रूप से करने के लिए एक नियमित
सहयोग तंत्र स्थापित किया गया।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)





