नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे। इस दौरान तेज बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
दिल्ली से लेकर यूपी, बिहार और ओडिशा तक आईएमडी की चेतावनी रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रशासन हाई अलर्ट पर
कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
- यूपी के 19 जिलों में हाई अलर्ट
- गरज-चमक और वज्रपात का खतरा
- प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी और तैयारी
- अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह
उत्तर प्रदेश में मानसून ने फिर दिखाई ताकत
उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। लंबे अंतराल के बाद सक्रिय हुए मानसून ने प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। आईएमडी ने बहराइच, लखीमपुर खीरी, वाराणसी, गोरखपुर, सीतापुर, हरदोई सहित 19 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की भी प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने स्कूलों, स्थानीय निकायों और आपदा राहत एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
दिल्ली, बिहार और ओडिशा में भी असर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी बादलों की आवाजाही तेज हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी और आसपास के इलाकों में मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं बढ़ने की आशंका भी है।
बिहार के कई जिलों में भी भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। खासकर उत्तर और पूर्वी बिहार के इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा में समुद्र से आने वाली नमी और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
बिजली गिरने का सबसे बड़ा खतरा
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बार केवल बारिश ही नहीं, बल्कि आकाशीय बिजली भी बड़ा खतरा बन सकती है। मानसून के सक्रिय होने के साथ कई इलाकों में बादलों की तीव्र गतिविधि दर्ज की जा रही है। ऐसे में खुले मैदान, खेत, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें, धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें और यदि बाहर हों तो तुरंत किसी सुरक्षित भवन में शरण लें। किसानों से भी अपील की गई है कि मौसम सामान्य होने तक खेतों में काम करने से बचें।
प्रशासन ने बढ़ाई तैयारियां
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कई राज्यों में प्रशासन ने राहत और बचाव तैयारियां तेज कर दी हैं। संवेदनशील जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। जलभराव वाले इलाकों में पंपिंग मशीनें तैनात की गई हैं, जबकि नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपात स्थिति में राहत कार्यों में देरी न हो। स्वास्थ्य विभाग को भी संभावित जलजनित बीमारियों से निपटने के लिए आवश्यक दवाएं और मेडिकल टीमें तैयार रखने को कहा गया है।
यातायात और जनजीवन पर पड़ सकता है असर
भारी बारिश का असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ सकता है। कई शहरों में जलभराव के कारण ट्रैफिक धीमा होने की आशंका है। पर्वतीय और नदी किनारे के क्षेत्रों में भूस्खलन तथा जलभराव जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा टालने, मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। जिन क्षेत्रों में वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है, वहां विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
आने वाले 48 घंटे अहम
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण अगले दो दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। यदि यह सिस्टम और मजबूत होता है तो कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में नदियों के जलस्तर, शहरी जलभराव और ग्रामीण इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फिलहाल पूरे देश में मानसून ने एक बार फिर अपनी सक्रिय मौजूदगी दर्ज करा दी है। जहां किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिहाज से राहत लेकर आई है, वहीं अत्यधिक वर्षा और वज्रपात की आशंका ने प्रशासन और आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में मौसम की हर गतिविधि पर सभी की नजर रहेगी, क्योंकि यही तय करेगा कि मानसून राहत देगा या फिर चुनौती बनकर सामने आएगा।





