सेंसेक्स और निफ्टी फिर लाल निशान में बंद, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका की नई टैरिफ नीति को लेकर बनी अनिश्चितता का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाई, जिससे बाजार में अधिकांश सेक्टर दबाव में रहे। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 331 अंक की गिरावट के साथ 76,059.17 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 102 अंक फिसलकर 23,767.70 के स्तर पर आ गया।
पश्चिम एशिया की स्थिति और अमेरिकी टैरिफ ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की सतर्कता का सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका की व्यापारिक नीतियों को लेकर बढ़ती आशंकाएं हैं। वैश्विक स्तर पर निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी वजह से भारतीय बाजार में भी बिकवाली का दबाव बना रहा। हालांकि ऊर्जा बाजार में कुछ राहत के संकेत मिले, लेकिन उससे निवेशकों का भरोसा पूरी तरह वापस नहीं लौट सका।
ऑटो, रियल्टी और मेटल शेयरों में सबसे अधिक दबाव, आईटी और मीडिया सेक्टर ने संभाला मोर्चा
शुक्रवार के कारोबार में अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी ऑटो में 1.13%, रियल्टी में 0.59%, मेटल में 0.57%, ऑयल एंड गैस में 0.43%, फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.41%, फार्मा में 0.38% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.15% की कमजोरी दर्ज की गई। दूसरी ओर मीडिया इंडेक्स ने 2% से अधिक की तेजी दिखाई, जबकि आईटी इंडेक्स 0.87% मजबूत होकर बंद हुआ। एफएमसीजी सेक्टर भी हल्की बढ़त के साथ कारोबार समाप्त करने में सफल रहा।
एचसीएल टेक और विप्रो में खरीदारी, बजाज फाइनेंस और एमएंडएम में बिकवाली हावी रही
निफ्टी-50 की कंपनियों में एचसीएल टेक, विप्रो, सिप्ला, आईटीसी और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वहीं बजाज फाइनेंस, इटरनल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, श्रीराम फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और हिंदाल्को के शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। निवेशकों ने मजबूत मुनाफे वाले शेयरों में मुनाफावसूली भी की, जिससे बाजार की तेजी टिक नहीं सकी।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट
वैश्विक बाजारों में भी निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा। जापान का निक्केई 225 तीन प्रतिशत से अधिक टूटा, ताइवान का वेटेड इंडेक्स 2.74%, हांगकांग का हैंग सेंग 1.05% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6% तक फिसल गया। केवल सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इस बीच ब्रेंट क्रूड लगभग 4% गिरकर 96.73 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और अमेरिकी आर्थिक नीतियां भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।





