नई दिल्ली। देशभर में सक्रिय मानसून अब कहर बनकर बरस रहा है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तर प्रदेश में बारिश, बाढ़ और आकाशीय बिजली से जुड़े हादसों में पिछले तीन दिनों के दौरान 15 लोगों की मौत हो चुकी है। कई जिलों में नदियां उफान पर हैं, सड़कें जलमग्न हैं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सबसे ज्यादा मुश्किलें पहाड़ी राज्यों में देखने को मिल रही हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते 438 सड़कें बंद हो गई हैं। कई गांवों और कस्बों का संपर्क टूट गया है, जबकि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भी यातायात बाधित है। प्रशासन और आपदा राहत दल युद्धस्तर पर सड़कें बहाल करने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में जुटे हैं।
पूर्वोत्तर के मिजोरम में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण कई पर्यटन स्थल प्रभावित हुए हैं और चार दिनों से पर्यटक अलग-अलग इलाकों में फंसे हुए हैं। बचाव दल खराब मौसम के बावजूद उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके चलते बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
लगातार बिगड़ते हालात के बीच राहत और बचाव एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश का यही दौर जारी रहा तो कई राज्यों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल पूरे देश की नजर मानसून की अगली चाल और मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर टिकी हुई है।





