भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी तेजी मंगलवार को कमजोर पड़ गई और प्रमुख सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। दिन की शुरुआत सकारात्मक संकेतों के साथ हुई थी और बाजार लगातार पांचवें सत्र में हरे निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 100 अंक ऊपर था, जबकि निफ्टी ने 26 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया। हालांकि दिन बढ़ने के साथ चुनिंदा शेयरों में बिकवाली का दबाव बढ़ा और शुरुआती तेजी टिक नहीं सकी। कारोबार समाप्त होने पर NSE निफ्टी 50 करीब 31.65 अंक की गिरावट के साथ 24,398.70 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि BSE सेंसेक्स 104.35 अंक टूटकर 78,180.72 पर आ गया। आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की, लेकिन ट्रेंट समेत कुछ बड़े शेयरों में तेज गिरावट ने सूचकांकों पर दबाव बनाए रखा। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त भी निवेशकों की नजर में रही।
हरे निशान में खुलने के बाद बाजार ने गंवाई शुरुआती बढ़त, आखिरी घंटों में बिकवाली से दबाव बढ़ा
मंगलवार को घरेलू बाजार की शुरुआत उत्साह के साथ हुई थी। सेंसेक्स करीब 100 अंक मजबूत खुला और निफ्टी में भी 26 अंकों की तेजी देखने को मिली। निवेशकों को उम्मीद थी कि पिछले चार सत्रों की मजबूती पांचवें दिन भी जारी रह सकती है। शुरुआती कारोबार में चुनिंदा आईटी और बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी दिखाई दी, लेकिन बाजार ऊपरी स्तर पर अपनी बढ़त कायम नहीं रख पाया। कारोबार के दौरान मुनाफावसूली और कमजोर शेयरों में बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में चले गए।
टाइटन से लेकर इंफोसिस तक कई दिग्गज शेयरों में खरीदारी, आईटी सेक्टर ने बाजार को दिया सहारा
सेंसेक्स में शामिल कई प्रमुख कंपनियों के शेयर मंगलवार को बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। टाइटन, इंफोसिस, इटरनल, टेक महिंद्रा, HCL टेक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज प्रमुख लाभ वाले शेयरों में शामिल रहे। खासतौर पर आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार की गिरावट को सीमित करने में मदद मिली। हालांकि चुनिंदा बड़ी कंपनियों की मजबूती पूरे बाजार को सकारात्मक दायरे में बनाए रखने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई और अंत में सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।
ट्रेंट के शेयर में करीब 9.8 प्रतिशत की बड़ी गिरावट, कई दिग्गज कंपनियां भी नुकसान में रहीं
मंगलवार के कारोबार में सबसे अधिक दबाव ट्रेंट के शेयर पर देखने को मिला। कंपनी का शेयर करीब 9.8 प्रतिशत तक टूट गया। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ITC और टाटा स्टील के शेयर भी कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख नामों में शामिल रहे। इन दिग्गज शेयरों में आई गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी की चाल पर असर डाला। बाजार में एक तरफ आईटी शेयरों की मजबूती दिखाई दी तो दूसरी ओर चुनिंदा प्रमुख कंपनियों में भारी बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी, ब्रेंट क्रूड 72.29 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंचा
वैश्विक तेल बाजार में मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतें कुछ मजबूत हुईं, हालांकि बढ़त सीमित रही। ब्रेंट क्रूड वायदा 28 सेंट यानी 0.39 प्रतिशत बढ़कर 72.29 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों के बीच कारोबारियों का ध्यान अब तेल उत्पादन में संभावित बढ़ोतरी और वैश्विक मांग के अनुमान पर केंद्रित हो गया है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव शेयर बाजार की धारणा को भी प्रभावित करता है।
चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 1,806 अंक से ज्यादा चढ़ा, निफ्टी में भी 564 अंकों की बड़ी तेजी दर्ज
मंगलवार की गिरावट से पहले भारतीय बाजार ने लगातार चार कारोबारी सत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया था। सोमवार को सेंसेक्स 521.16 अंक यानी 0.67 प्रतिशत बढ़कर 78,285.07 पर बंद हुआ था, जबकि कारोबार के दौरान यह 78,398.06 तक पहुंच गया था। निफ्टी भी 159.50 अंक की तेजी के साथ 24,430.35 पर बंद हुआ था। पिछले चार कारोबारी दिनों में सेंसेक्स कुल 1,806.4 अंक यानी 2.36 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि निफ्टी में 564.6 अंक या 2.36 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। ऐसे में मंगलवार की मामूली गिरावट को हालिया तेजी के बाद बाजार में आई मुनाफावसूली के रूप में भी देखा जा रहा है।





