आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 की अप्रत्याशित हार के बाद भारतीय टीम की बल्लेबाजी और टीम चयन दोनों सवालों के घेरे में हैं। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन दोनों ही मैचों में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। दूसरे मुकाबले में दोनों बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए, जिससे टीम की शुरुआत बेहद कमजोर रही। सीरीज गंवाने के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। खासतौर पर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिलने और शुभमन गिल को टी20 टीम से बाहर रखने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज से पहले टीम प्रबंधन के फैसलों पर सबकी नजर टिकी हुई है।
बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के बाद शुभमन गिल की वापसी की चर्चा तेज हो गई है
पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर का मानना है कि शुभमन गिल को धीरे-धीरे फिर से भारत की टी20 टीम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार गिल ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है और इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में भी खुद को साबित किया है। मांजरेकर का कहना है कि टी20 क्रिकेट में केवल आक्रामक बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि मुश्किल हालात में लंबी पारी खेलने की क्षमता भी जरूरी होती है और गिल इस भूमिका को अच्छी तरह निभा सकते हैं। उनका मानना है कि आने वाले समय में भारतीय टीम की योजनाओं में गिल की वापसी लगभग तय मानी जा सकती है।
वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिलने पर पूर्व खिलाड़ियों ने जताई नाराजगी
1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य और पूर्व विकेटकीपर सैयद किरमानी ने आयरलैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिलने को बड़ी चूक बताया। उन्होंने कहा कि पहला मैच हारने के बाद दूसरे मुकाबले में युवा खिलाड़ी को मौका मिलना चाहिए था। किरमानी के मुताबिक यदि किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को पूरी सीरीज केवल ड्रेसिंग रूम में बैठाकर रखा जाएगा तो उसका आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। उनका मानना है कि ऐसे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जल्दी अवसर देना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहतर होगा।
इंग्लैंड दौरे पर युवा बल्लेबाज को मिल सकता है पहला अंतरराष्ट्रीय अवसर
अब भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है और माना जा रहा है कि इस दौरे पर वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ी ने घरेलू और जूनियर स्तर पर लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और अब उसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलना चाहिए। चयनकर्ता और टीम प्रबंधन पर इस बार युवा प्रतिभाओं को सही समय पर मौका देने का दबाव भी रहेगा।
टीम चयन और बल्लेबाजी दोनों पर उठ रहे सवाल, अब इंग्लैंड सीरीज होगी अग्निपरीक्षा
आयरलैंड के खिलाफ मिली हार ने साफ कर दिया है कि भारतीय टीम को बल्लेबाजी क्रम और टीम संयोजन दोनों पर दोबारा विचार करना होगा। लगातार खराब शुरुआत मिलने से मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। ऐसे में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के बीच सही संतुलन बनाना टीम प्रबंधन की सबसे बड़ी चुनौती होगी। इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज केवल जीत-हार की नहीं, बल्कि भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में भी बेहद अहम मानी जा रही है। इसी सीरीज से यह भी साफ हो सकता है कि शुभमन गिल की वापसी कब होती है और वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार भारत की नीली जर्सी पहनने का मौका मिलता है या नहीं।





