नई दिल्ली/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के जनाजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि अंतिम विदाई में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े राजनीतिक संगठन पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इन दावों के बाद पाकिस्तान एक बार फिर आतंकवादी संगठनों और उनके राजनीतिक नेटवर्क को लेकर अंतरराष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गया है।
वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल
लश्कर से जुड़े राजनीतिक संगठन के नेताओं की कथित मौजूदगी ने बढ़ाई पाकिस्तान की मुश्किलें
क्या है पूरा विवाद?
- शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का हाल ही में निधन हुआ।
- सोशल मीडिया पर जनाजे का वीडियो वायरल हुआ।
- वीडियो में PMML और उससे जुड़े लोगों की मौजूदगी का दावा किया गया।
- PMML को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा राजनीतिक संगठन बताया जाता रहा है।
- पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठनों के राजनीतिक नेटवर्क पर फिर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि शाहिद अख्तर का जनाजा इस्लामाबाद के H-8 कब्रिस्तान में हुआ। वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान सहित कई लोग जनाजे में मौजूद थे। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का यह भी दावा है कि वीडियो PMML से जुड़े आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया।
लश्कर से कथित संबंधों पर फिर उठे सवाल
इनाम-उर-रहमान का नाम पहले भी चर्चाओं में रहा है। पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग को लंबे समय से लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद से जुड़ा राजनीतिक मंच बताया जाता रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरों में इनाम-उर-रहमान को पहलगाम हमले के कथित मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी के साथ भी दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नेशनल असेंबली स्पीकर भी पहुंचे शोएब अख्तर के घर
इस बीच पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज़ सादिक भी शोएब अख्तर के घर पहुंचे और शाहिद अख्तर के निधन पर शोक व्यक्त किया। नेशनल असेंबली की ओर से जारी बयान में कहा गया कि स्पीकर ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
आतंकी नेटवर्क को लेकर फिर घिरा पाकिस्तान
जनाजे में कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े लोगों की मौजूदगी के दावों ने पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धताओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। लंबे समय से पाकिस्तान पर आरोप लगते रहे हैं कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलग-अलग नामों और राजनीतिक मंचों के जरिए अपनी गतिविधियां जारी रखते हैं।
भारत सहित कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने अतीत में भी पाकिस्तान से ऐसे संगठनों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और उसकी विश्वसनीयता पर बहस तेज हो गई है।





