मातृ एवं बाल कुपोषण के खिलाफ नई रणनीति
उत्तर प्रदेश में मातृ एवं बाल कुपोषण को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से योगी सरकार ने ‘संभव 6.0’ अभियान की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस राज्यव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था से लेकर बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित यह अभियान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।
जीवन-चक्र आधारित पोषण मॉडल पर फोकस
इस वर्ष अभियान की थीम “गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा” रखी गई है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और नवजात शिशुओं को एक सतत स्वास्थ्य एवं पोषण चक्र के रूप में सेवाएं प्रदान की जाएंगी। सरकार का मानना है कि बच्चे के स्वस्थ भविष्य की नींव गर्भधारण के समय से ही रखी जाती है, इसलिए पोषण संबंधी हस्तक्षेप भी उसी स्तर से शुरू किया जाना जरूरी है।
साप्ताहिक रिपोर्ट कार्ड और कड़ी निगरानी
अभियान को केवल कागजी योजना बनकर सीमित न रहने देने के लिए सरकार ने सख्त मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की है। हर सप्ताह अभियान की प्रगति का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जुलाई से सितंबर 2026 तक प्रत्येक 15 दिन में जिला कार्यक्रम अधिकारियों की समीक्षा बैठक राज्य मुख्यालय स्तर पर आयोजित की जाएगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की पहचान कर समय रहते समाधान किया जा सकेगा।
कई विभागों और यूनिसेफ का संयुक्त प्रयास
‘संभव 6.0’ अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसका बहु-विभागीय समन्वय है। इसमें आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग और UNICEF मिलकर काम करेंगे। इन विभागों के संयुक्त प्रयास से पूरे प्रदेश में विशेष पोषण पाठशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जहां परिवारों को संतुलित आहार, मातृ स्वास्थ्य और नवजात देखभाल के बारे में जागरूक किया जाएगा।
जमीनी स्तर पर विशेष प्रशिक्षण
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों और मंडलों के लिए अलग-अलग माइक्रो प्लान तैयार किए गए हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं और अन्य जमीनी स्तर के कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि पोषण संबंधी सेवाएं जरूरतमंद परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें।
थर्ड पार्टी मूल्यांकन से बढ़ेगी पारदर्शिता
सरकार ने अभियान की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र थर्ड पार्टी मूल्यांकन की व्यवस्था भी की है। नियोजन विभाग के माध्यम से बाहरी एजेंसी सरकारी दावों और वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। इससे यह पता चल सकेगा कि अभियान का लाभ वास्तव में लक्षित वर्ग तक पहुंच रहा है या नहीं।
अक्टूबर में सामने आएंगे शुरुआती परिणाम
जुलाई 2026 में जिला पोषण समितियों की बैठकों के साथ सभी जिलों में अभियान का व्यापक क्रियान्वयन शुरू होगा। इसके बाद अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह में त्रैमासिक अभियान के शुरुआती परिणामों का पहला बड़ा मूल्यांकन किया जाएगा। इन निष्कर्षों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव
बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा राज्य पोषण मिशन की निदेशक हर्षिता माथुर के अनुसार, ‘संभव 6.0’ केवल कुपोषण के आंकड़े कम करने का अभियान नहीं है, बल्कि यह हर बच्चे के लिए गर्भधारण से ही स्वस्थ और मजबूत भविष्य सुनिश्चित करने की व्यापक पहल है। यदि यह अभियान अपने लक्ष्यों को हासिल करने में सफल रहता है, तो उत्तर प्रदेश में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।





