सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद निराशाजनक रही। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते घरेलू बाजार दबाव में आ गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 600 से 700 अंकों तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 50 भी 23,900 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। निवेशकों में घबराहट का माहौल देखने को मिला और अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
अमेरिकी टेक कंपनियों में कमजोरी ने बिगाड़ा दुनिया भर के बाजारों का माहौल
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार गिरावट की शुरुआत अमेरिकी टेक सेक्टर से हुई। वैश्विक स्तर की प्रमुख तकनीकी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी आने के बाद निवेशकों ने महंगे वैल्यूएशन वाले शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर कंपनियों में तेज मुनाफावसूली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसका असर एशिया से लेकर भारत तक के शेयर बाजारों पर साफ दिखाई दिया।
दक्षिण कोरिया के बाजार में भारी गिरावट से एशियाई निवेशकों में बढ़ी बेचैनी
एशियाई बाजारों में सबसे बड़ा झटका दक्षिण कोरिया को लगा। वहां का प्रमुख कोस्पी इंडेक्स करीब 10 प्रतिशत तक टूट गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बाजार में कुछ समय के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। सेमीकंडक्टर सेक्टर की दिग्गज कंपनियों के शेयरों में दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार का संतुलन बिगड़ गया। विदेशी निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली करते हुए अरबों डॉलर के शेयर बेच डाले।
भारतीय आईटी कंपनियों पर सबसे ज्यादा दबाव, निफ्टी आईटी इंडेक्स लुढ़का
वैश्विक टेक सेक्टर में कमजोरी का असर भारत की आईटी कंपनियों पर भी पड़ा। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और विप्रो जैसे प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। इसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स दिन का सबसे कमजोर सेक्टर बनकर उभरा। निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए टेक शेयरों से दूरी बनाई, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद आई मुनाफावसूली ने बढ़ाई बाजार की मुश्किलें
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में टेक और चिप कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई थी। कई बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे, जिससे उनके मूल्यांकन काफी महंगे हो गए थे। ऐसे में जैसे ही वैश्विक स्तर पर नकारात्मक संकेत मिले, निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसी वजह से बाजार में गिरावट का दायरा और बढ़ गया।
निवेशकों की संपत्ति को लगा बड़ा झटका, आगे भी बनी रह सकती है अस्थिरता
शेयर बाजार में आई इस तेज गिरावट का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी पड़ा। अनुमान है कि कुछ ही घंटों में निवेशकों के लगभग 4.57 लाख करोड़ से 5 लाख करोड़ रुपये तक की वैल्यू कम हो गई। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और टेक सेक्टर की चाल बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।





