देशभर में 23 से 25 जून 2026 के दौरान मानसून की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं पश्चिमी भारत और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में भी मानसूनी वर्षा देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
प्रमुख मौसम बिंदु
- उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश के आसार।
- दिल्ली-NCR …. संभावना गर्मी से राहत मिलने की।
- हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा।
- महाराष्ट्र, गुजरात और कोंकण में तेज बारिश का दौर।
- पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा का अलर्ट जारी।
उत्तर भारत में बारिश का दौर तेज
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में 23 जून से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। उत्तराखंड और हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।
मध्य भारत में सक्रिय रहेगा मानसून
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में अगले तीन दिनों तक अच्छी बारिश होने के आसार हैं। भोपाल, जबलपुर, इंदौर, रीवा, रायपुर और बिलासपुर संभागों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुआई के लिहाज से लाभकारी मानी जा रही है।
पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
पश्चिम भारत में राहत भरी बारिश
राजस्थान के पूर्वी हिस्सों, गुजरात, मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में वर्षा का दौर जारी रहेगा। मुंबई, ठाणे, पालघर और कोंकण क्षेत्र में तेज बारिश की संभावना है। राजस्थान के कुछ इलाकों में भी प्री-मानसून और मानसूनी बारिश देखने को मिल सकती है।
दक्षिण भारत में भी मेहरबान रहेगा मानसून
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने के आसार हैं। तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 25 जून तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की पकड़ मजबूत होती जाएगी और कई राज्यों में सामान्य से बेहतर वर्षा दर्ज की जा सकती है।





