लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद सामने आ रहे प्रत्यक्षदर्शियों के बयान हादसे की भयावहता बयां कर रहे हैं। ट्रामा सेंटर में भर्ती एक घायल 3डी आर्टिस्ट मोहम्मद ने बताया कि आग लगने की जानकारी उन्हें उनके सीनियर से मिली। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि आग इतनी तेजी से फैल जाएगी। जब कर्मचारी बाहर निकलने लगे तो हालात बेकाबू हो चुके थे और धुएं व लपटों के बीच बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
घायल युवक के मुताबिक भवन में काम करने वाले कई 3डी आर्टिस्ट अंदर फंसे हुए थे। आग कथित तौर पर नीचे स्थित गोदाम क्षेत्र से शुरू हुई और धीरे-धीरे पूरी इमारत में फैल गई। उन्होंने बताया कि बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा था और लोग जान बचाने के लिए एक-दूसरे का सहारा लेकर निकलने की कोशिश कर रहे थे।
रेस्क्यू के दौरान उनकी उंगलियां बुरी तरह झुलस गईं। उन्होंने कहा कि कई लोग अंदर फंस गए थे, जबकि कुछ कर्मचारी बड़ी मुश्किल से बाहर निकल पाए। हादसे के बाद घायलों का इलाज ट्रामा सेंटर में जारी है और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।
अग्निकांड के बाद अलर्ट मोड में सरकार, सीएम योगी ने रद्द किए सभी दौरे
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रस्तावित अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। मुख्यमंत्री का हाथरस और आगरा दौरा निर्धारित था, लेकिन लखनऊ अग्निकांड में हुई जनहानि को देखते हुए उन्होंने तत्काल कार्यक्रम स्थगित कर दिए और पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी शुरू कर दी। मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस, फायर विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार रिपोर्ट ली जा रही है।
इधर, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary भी घटना को लेकर सक्रिय हो गए हैं। वे हादसा स्थल का निरीक्षण करने के साथ King George’s Medical University (केजीएमयू) पहुंचकर घायलों से मुलाकात करेंगे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे। पार्टी संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर पीड़ित परिवारों की हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता फिलहाल राहत, बचाव और घायलों के बेहतर उपचार पर केंद्रित है, जबकि हादसे के कारणों की जांच भी तेज कर दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत की जाए ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।





