देश के करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाताधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के नए संस्करण EPFO 3.0 को लागू करने की तैयारी में है। इस नई व्यवस्था के तहत सदस्य अपने पीएफ खाते से धनराशि निकालने के लिए लंबी प्रक्रिया और कागजी औपचारिकताओं पर निर्भर नहीं रहेंगे। प्रस्तावित सुविधा के अनुसार पात्र सदस्य UPI और EPF से जुड़े ATM के माध्यम से सीधे अपने बैंक खाते में राशि प्राप्त कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इस सुविधा का उद्देश्य पीएफ सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और डिजिटल बनाना है।
EPFO 3.0 के जरिए PF सेवाओं में आएगा बड़ा तकनीकी बदलाव
EPFO 3.0 को संगठन के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का अगला चरण माना जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म का लक्ष्य दावों की प्रक्रिया को आसान बनाना, दस्तावेजों की आवश्यकता कम करना और सदस्यों को तेज सेवाएं उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के तहत खाताधारक अपने पात्र पीएफ बैलेंस की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे और राशि सीधे आधार एवं बैंक खाते से जुड़े प्रोफाइल में ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे दावों के निपटारे में लगने वाला समय भी कम होने की उम्मीद है।
UPI और ATM के माध्यम से कैसे निकाला जा सकेगा PF का पैसा
प्रस्तावित प्रणाली के तहत सदस्य पहले यह देख सकेंगे कि वे कितनी राशि निकालने के पात्र हैं। इसके बाद वे निकासी की रकम का चयन करेंगे और UPI PIN के माध्यम से लेनदेन को प्रमाणित करेंगे। सत्यापन पूरा होते ही राशि सीधे उनके लिंक्ड बैंक खाते में जमा हो जाएगी। बैंक खाते में पहुंचने के बाद इस धनराशि का उपयोग ऑनलाइन भुगतान, बैंक ट्रांसफर या एटीएम से नकद निकासी के लिए किया जा सकेगा। इस प्रक्रिया को अधिक तेज और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पूरी राशि नहीं निकाल सकेंगे सदस्य, न्यूनतम शेष राशि रखना होगी जरूरी
EPFO के प्रस्ताव के अनुसार सदस्य अपने पीएफ बैलेंस का लगभग 50 से 75 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकेंगे, हालांकि यह पात्रता और नियमों पर निर्भर करेगा। संगठन ने यह भी प्रस्तावित किया है कि कुल पीएफ राशि का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा खाते में बनाए रखना अनिवार्य होगा। इसका मतलब यह है कि नई डिजिटल निकासी व्यवस्था के तहत भी खाताधारक अपने पूरे पीएफ फंड को एक साथ नहीं निकाल सकेंगे। यह प्रावधान भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रखा गया है।
EPS पेंशन फंड पर नहीं पड़ेगा किसी प्रकार का असर
नई निकासी सुविधा केवल कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) हिस्से पर लागू होगी। कर्मचारियों और नियोक्ताओं के अंशदान से बनने वाले EPF फंड से ही निकासी की अनुमति होगी। वहीं कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत जमा राशि और उससे जुड़ी पेंशन सुविधाएं पहले की तरह सुरक्षित रहेंगी। EPFO ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल पीएफ निकासी को आसान बनाना है, न कि पेंशन फंड में कोई बदलाव करना।
ब्याज दर और नई डिजिटल सुविधाओं से करोड़ों खाताधारकों को होगा लाभ
EPFO 3.0 के साथ कई अन्य डिजिटल सुविधाएं भी जोड़ी जा रही हैं। इनमें UMANG ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन, आसान UAN जनरेशन, व्यक्तिगत जानकारी में ऑनलाइन सुधार, डिजिटल क्लेम सबमिशन और पासबुक तक तेज पहुंच जैसी सेवाएं शामिल हैं। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF जमा पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को भी मंजूरी मिल चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस महीने सात करोड़ से अधिक योगदानकर्ता सदस्यों के खातों में ब्याज राशि जमा की जा सकती है। इससे करोड़ों कर्मचारियों को वित्तीय रूप से अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद है।





