सोने की कीमतें एक बार फिर चर्चा में हैं। अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच गोल्ड निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ी है और भारत में भी इसके दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं। ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल बार-बार उठ रहा है कि आखिर दुनिया में ऐसा कौन-सा देश है जहां सोना सबसे सस्ता मिलता है और क्या भारतीय वहां से खरीदकर फायदा उठा सकते हैं?
अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच सोने की कीमतों ने पकड़ी रफ्तार
8 जून 2026 को भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1.53 लाख से 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच दर्ज की गई। वहीं 22 कैरेट सोना 1.40 लाख से 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण सोने की कीमतों को लगातार समर्थन मिल रहा है।
टैक्स और आयात शुल्क तय करते हैं किस देश में कितना महंगा है सोना
सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग एक जैसी रहती है, लेकिन किसी देश में ग्राहकों को मिलने वाली अंतिम कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है। इनमें टैक्स, आयात शुल्क, वैट, स्थानीय कर, ट्रांसपोर्टेशन लागत और मेकिंग चार्ज शामिल हैं। यही कारण है कि कुछ देशों में सोना भारत की तुलना में काफी कम कीमत पर उपलब्ध हो जाता है।
दुबई, हांगकांग और सिंगापुर बने सस्ते गोल्ड के बड़े केंद्र
दुबई लंबे समय से दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड मार्केट्स में गिना जाता है। यहां कम टैक्स और प्रतिस्पर्धी बाजार व्यवस्था के कारण सोने की कीमतें अक्सर भारत से कम रहती हैं। हांगकांग में भी सोने पर बेहद सीमित कर लगाया जाता है, जिससे वहां ग्राहकों को बेहतर रेट मिलते हैं। वहीं सिंगापुर निवेश श्रेणी के सोने पर कई तरह की कर राहत देता है, जिसके कारण यह भी गोल्ड खरीदारों की पसंदीदा जगहों में शामिल है।
स्विट्जरलैंड और सऊदी अरब में भी मिलती हैं बेहतर कीमतें
स्विट्जरलैंड दुनिया के प्रमुख गोल्ड रिफाइनिंग हब्स में से एक माना जाता है। यहां शुद्धता के उच्च मानकों और कम कर ढांचे के कारण निवेशकों को आकर्षक कीमतें मिलती हैं। दूसरी ओर सऊदी अरब में अपेक्षाकृत कम मेकिंग चार्ज और सीमित टैक्स के कारण सोना भारत की तुलना में सस्ता पड़ सकता है। यही वजह है कि खाड़ी देशों में जाने वाले भारतीय अक्सर वहां के गोल्ड मार्केट की जानकारी लेते हैं।
विदेश से सस्ता सोना खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी नियम
हालांकि विदेश में सस्ता सोना उपलब्ध होने का मतलब यह नहीं है कि भारतीय खरीदारों को सीधा उतना ही लाभ मिलेगा। विदेश से सोना भारत लाने पर कस्टम ड्यूटी, आयात नियम और अन्य सरकारी शुल्क लागू होते हैं। इसके अलावा निर्धारित सीमा से अधिक सोना लाने पर अतिरिक्त कर भी देना पड़ सकता है। इसलिए केवल विदेशी कीमत देखकर खरीदारी का फैसला करना समझदारी नहीं होगी। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कुल लागत, टैक्स और नियमों का पूरा आकलन करने के बाद ही सोने की खरीद की योजना बनानी चाहिए।
भारत में सोने की मांग हमेशा मजबूत रहती है। शादी-विवाह, त्योहार और निवेश के लिए गोल्ड की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। ऐसे में वैश्विक बाजार और घरेलू टैक्स संरचना दोनों मिलकर तय करते हैं कि भारतीय ग्राहकों को सोना आखिर कितनी कीमत पर मिलेगा।





