भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को सकारात्मक शुरुआत की। निवेशकों की नजरें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक के फैसले पर टिकी रहीं, जिसके बीच घरेलू बाजार मजबूती के साथ खुला। एक तरफ भारतीय बाजार में खरीदारी का माहौल दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर एशियाई बाजारों में तेज बिकवाली ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। अमेरिकी टेक शेयरों में आई कमजोरी का असर दुनिया भर के बाजारों पर देखने को मिला।
घरेलू बाजार में निवेशकों ने दिखाई मजबूती, सेंसेक्स और निफ्टी ने की सकारात्मक शुरुआत
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 269.93 अंकों की बढ़त के साथ 74,629 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी मजबूती के साथ 23,450 से 23,480 के दायरे में कारोबार करता नजर आया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक आरबीआई के फैसले से पहले सतर्क जरूर हैं, लेकिन घरेलू आर्थिक संकेतकों और मजबूत निवेश प्रवाह के कारण बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
अमेरिकी टेक शेयरों की गिरावट से एशियाई बाजारों में मची हलचल
एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में गुरुवार को दबाव देखने को मिला। अमेरिकी टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में आई कमजोरी का सीधा असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.7% से 6.2% तक फिसल गया। सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसी बड़ी चिप निर्माता कंपनियों के शेयरों में भी 6.8% तक की गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई इंडेक्स 1.3% से 1.8% तक कमजोर हुआ, जबकि हांगकांग का हैंगसैंग भी करीब 1.4% तक नीचे कारोबार करता दिखाई दिया।
अमेरिकी बाजार में मिला-जुला रुख, डाऊ जोन्स ने बनाया नया रिकॉर्ड
बुधवार को वॉल स्ट्रीट में मिश्रित कारोबार देखने को मिला। टेक शेयरों में बिकवाली के कारण नैस्डैक इंडेक्स 23.02 अंक टूटकर 26,830.96 पर बंद हुआ। इसके विपरीत डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 874.86 अंकों की शानदार छलांग लगाकर 51,561.93 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह वर्ष 2026 में डाऊ जोन्स का 15वां रिकॉर्ड क्लोज माना जा रहा है। वहीं एसएंडपी 500 इंडेक्स भी 30.63 अंकों की बढ़त के साथ 7,584.31 के स्तर पर बंद होने में सफल रहा।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, ऊर्जा बाजार पर बनी निवेशकों की नजर
अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हल्की कमजोरी दर्ज की गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 0.32% की गिरावट के साथ 92.74 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं ब्रेंट क्रूड लगभग 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर स्थिर बना रहा। कमोडिटी एक्सचेंज COMEX पर भी क्रूड ऑयल की कीमतों में 0.33% की गिरावट दर्ज की गई। ऊर्जा कीमतों में यह उतार-चढ़ाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और महंगाई के अनुमान पर असर डाल सकता है।
डॉलर इंडेक्स और रुपये की चाल पर भी बनी हुई है बाजार की पैनी नजर
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली। यह 0.01% फिसलकर 99.43 के स्तर पर पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स दुनिया की प्रमुख छह मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति को दर्शाता है। इनमें यूरो, ब्रिटिश पाउंड, जापानी येन, स्विस फ्रैंक और अन्य प्रमुख मुद्राएं शामिल हैं। दूसरी ओर भारतीय रुपया 4 जून को डॉलर के मुकाबले 0.07% कमजोर होकर 95.79 के स्तर पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई के फैसले के बाद रुपये और शेयर बाजार दोनों में नई दिशा देखने को मिल सकती है।





