गंगा बैराज ऋषिकेश में सफल टेस्ट फ्लाइट से भारत में सी-प्लेन सेवा शुरू होने की उम्मीद मजबूत
भारत के एविएशन सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जहां अब हवाई यात्रा पानी के रास्ते भी संभव होगी। SkyHop Aviation ने 6 अप्रैल 2026 को ऋषिकेश के गंगा बैराज पर सी-प्लेन का सफल परीक्षण किया। विमान ने नदी के पानी पर सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ किया, जिससे यह साफ हो गया कि भारत में सी-प्लेन सेवा शुरू करना संभव है। यह परीक्षण देश में वाटर-आधारित एयर ट्रांसपोर्ट के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बिना रनवे के पानी से उड़ान भरने वाली तकनीक से दूरदराज क्षेत्रों तक आसान पहुंच संभव
सी-प्लेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें लंबी रनवे की जरूरत नहीं होती। ये सीधे नदी, झील या समुद्र के पानी से उड़ान भर सकते हैं। यही वजह है कि ऐसे इलाकों में भी एयर कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी, जहां एयरपोर्ट बनाना मुश्किल है। इस तकनीक से यात्रा का समय कम होगा और कई दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो सकती है।
SkyHop Aviation का लक्ष्य उन क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी देना जहां पारंपरिक एयरपोर्ट बनाना मुश्किल
SkyHop Aviation की संस्थापक और CEO अवनी सिंह के अनुसार कंपनी का उद्देश्य ऐसे स्थानों तक यात्रा को आसान बनाना है, जहां एयरपोर्ट बनाना संभव नहीं है। कंपनी फिलहाल एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) हासिल करने की प्रक्रिया में है, जिसके बाद व्यावसायिक उड़ानें शुरू की जा सकेंगी। कंपनी सरकार और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रही है।
सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना को मिलेगा बढ़ावा, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा
यह प्रोजेक्ट देश में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की योजना के अनुरूप है। भारत में बड़ी संख्या में नदियां, द्वीप और समुद्री क्षेत्र हैं, जहां यात्रा में काफी समय लगता है। सी-प्लेन सेवा शुरू होने से पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है और कई क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आ सकती है।
लक्षद्वीप के पांच द्वीपों को जोड़ने की योजना, 19 सीट वाले विमान से शुरू होगी सेवा
SkyHop Aviation की योजना पहले चरण में लक्षद्वीप के पांच द्वीपों को आपस में और मुख्य भूमि से जोड़ने की है। इसके लिए 19 सीटों वाले विमान का उपयोग किया जाएगा। भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी सी-प्लेन सेवा शुरू करने की संभावना तलाश की जा रही है, जिससे देश में यात्रा के नए विकल्प खुल सकते हैं।





