Saturday, June 6, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य दिल्ली

बढ़ते जलवायु संकट के बीच भारत की आपदा प्रबंधन व्यवस्था…जानें क्यों बढ़ने लगी भारत में जलवायु से जुड़ी घटनाएं

India disaster management system amid the climate crisis

DigitalDesk by DigitalDesk
March 21, 2026
in दिल्ली, मुख्य समाचार
0
India disaster management system amid the climate crisis
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

बढ़ते जलवायु संकट के बीच भारत की आपदा प्रबंधन व्यवस्था…

जलवायु आपदाओं में लगातार वृद्धि
भारत में जलवायु से जुड़ी आपदाओं की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। हिमालयी क्षेत्रों में अचानक बाढ़, पूर्वी तट पर तेज चक्रवात और उत्तर व मध्य भारत में लंबी हीटवेव अब सामान्य होती जा रही हैं। ये घटनाएं अब अपवाद नहीं रहीं, बल्कि जलवायु अस्थिरता के बड़े पैटर्न का हिस्सा बन चुकी हैं।

Related posts

Gold Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आई नरमी, 23 मई को ग्राहकों को मिली राहत

Gold-Silver Rate: सोना-चांदी खरीदारों को बड़ी राहत! एक दिन में टूटी कीमतें, जानिए 06 जून के ताजा रेट

June 6, 2026
खान सर ने कोर्ट में किया सरेंडर, फायरिंग विवाद में बढ़ीं मुश्किलें, पटना सिविल कोर्ट पहुंचे चर्चित शिक्षक

खान सर ने कोर्ट में किया सरेंडर, फायरिंग विवाद में बढ़ीं मुश्किलें, पटना सिविल कोर्ट पहुंचे चर्चित शिक्षक

June 6, 2026

बदलता परिदृश्य और बढ़ती चुनौतियां
इन आपदाओं ने देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सरकार भले ही आपदा प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार की बात करती है, लेकिन बढ़ती जटिलता यह संकेत देती है कि मौजूदा व्यवस्था कई स्तरों पर कमजोर साबित हो रही है।

आपदा प्रबंधन का संस्थागत ढांचा
पिछले दो दशकों में भारत ने आपदा प्रबंधन के लिए मजबूत ढांचा तैयार किया है। 2004 की सुनामी के बाद 2005 में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू हुआ, जिसके तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को अहम जिम्मेदारियां दी गईं।

सुधारों से मिली सफलता
इस ढांचे के चलते कई क्षेत्रों में सुधार देखने को मिला है। विशेष रूप से चक्रवात पूर्व चेतावनी प्रणाली ने पूर्वी तट पर मौतों की संख्या में भारी कमी लाई है। मौसम पूर्वानुमान सटीक हुए हैं और निकासी योजनाएं बेहतर तरीके से लागू की जा रही हैं।

जलवायु परिवर्तन से नई चुनौतियां
हालांकि जलवायु परिवर्तन आपदाओं के स्वरूप को तेजी से बदल रहा है। अब भारी बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन उन क्षेत्रों में भी हो रहे हैं जहां पहले ऐसे खतरे कम थे। इससे पारंपरिक आपदा प्रबंधन प्रणाली पर दबाव बढ़ गया है।

शहरी और ग्रामीण संकट गहराया
बड़े शहरों में जल निकासी व्यवस्था अचानक होने वाली भारी बारिश को संभाल नहीं पा रही, जिससे शहरी बाढ़ की समस्या बढ़ रही है। वहीं हीटवेव का असर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोगों पर पड़ रहा है, जिनके पास पर्याप्त सुरक्षा नहीं होती।

प्रतिक्रियात्मक नहीं, सक्रिय रणनीति की जरूरत
इन बदलते हालातों के बीच आपदा प्रबंधन के लिए केवल प्रतिक्रिया आधारित नहीं, बल्कि रोकथाम और तैयारी आधारित रणनीति अपनाने की जरूरत है। वर्तमान में भारत की व्यवस्था अधिकतर प्रतिक्रियात्मक बनी हुई है, जो भविष्य के जोखिमों को कम करने में पर्याप्त नहीं है।

हाइपरलोकल डेटा की कमी बड़ी समस्या
आपदा प्रबंधन की सबसे बड़ी कमजोरी हाइपरलोकल यानी स्थानीय स्तर के सटीक डेटा की कमी है। राष्ट्रीय स्तर के पूर्वानुमान अक्सर किसी विशेष गांव या इलाके की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शा पाते, जिससे जोखिम की सही पहचान नहीं हो पाती।

तकनीकी और संस्थागत खामियां
भारत में आपदा योजना मुख्यतः राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर बनाई जाती है, जबकि आपदाओं का असर स्थानीय स्तर पर सबसे ज्यादा होता है। जिला और नगर प्रशासन के पास अक्सर रियल टाइम पर्यावरण डेटा की कमी होती है, जिससे प्रभावी निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है।

भविष्य के लिए समन्वित समाधान जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, सैटेलाइट मॉनिटरिंग, सेंसर तकनीक और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को जोड़कर बेहतर आपदा प्रबंधन संभव है। जब तक हाइपरलोकल डेटा को नीति में शामिल नहीं किया जाएगा, तब तक आपदाओं से निपटना अधूरा रहेगा और देश को हर बार नुकसान के बाद ही प्रतिक्रिया देनी पड़ेगी।

Post Views: 136
Tags: #DisasterManagement
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

मुख्य समाचार
बंगाल की राजनीति में मचा बड़ा घमासान, TMC में टूट की चर्चा तेज!

बंगाल की राजनीति में मचा बड़ा घमासान, TMC में टूट की चर्चा तेज!

मुख्य समाचार
बंगाल की मुस्लिम बहुल फाल्टा सीट पर BJP की ऐतिहासिक जीत, 71% वोट लेकर देबांग्शु पांडा ने मारी बाजी

बंगाल की मुस्लिम बहुल फाल्टा सीट पर BJP की ऐतिहासिक जीत, 71% वोट लेकर देबांग्शु पांडा ने मारी बाजी

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version