Wednesday, March 11, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य मध्य प्रदेश भोपाल

मध्य प्रदेश के इन विधायकों पर पहले भी गिर चुकी है अदालत की गाज…जानें किन मामलों में हुई कार्रवाई

DigitalDesk by DigitalDesk
March 11, 2026
in भोपाल, मध्य प्रदेश, मुख्य समाचार, राजनीति
0
Madhya Pradesh MLAs have faced court action before
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

मध्य प्रदेश में विधायकों के चुनाव पर अदालत की नजर, पहले भी तीन मामलों में हुई कार्रवाई

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर न्यायालयीन फैसले ने हलचल पैदा कर दी है। विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव अदालत द्वारा निरस्त किए जाने के बाद यह मामला चर्चा में है। हालांकि यह पहला अवसर नहीं है जब किसी विधायक की सदस्यता या चुनाव को लेकर अदालत ने हस्तक्षेप किया हो। इससे पहले भी प्रदेश में तीन विधायकों के मामलों में न्यायालयीन कार्रवाई हो चुकी है, जिनमें दो की विधायकी समाप्त हो गई थी, जबकि एक को राहत मिल गई थी। विजयपुर सीट के मामले ने प्रदेश की राजनीति में कानूनी पहलुओं और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर नई बहस को जन्म दिया है।

विजयपुर सीट पर बड़ा फैसला

विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को अदालत ने निरस्त कर दिया है। यह फैसला चुनाव याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया। इस निर्णय के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि अब आगे इस सीट पर उपचुनाव की स्थिति बन सकती है। मल्होत्रा के मामले ने यह भी दिखाया है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि या नियमों के उल्लंघन पर अदालत सख्त रुख अपना सकती है। इसी वजह से राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए चुनाव के दौरान नियमों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

Related posts

Purulia Anand Vihar Express will run on the tracks PM Modi will inaugurate the train

पटरी पर दौड़ेगी पुरुलिया–आनंद विहार एक्सप्रेस…इस दिन प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ट्रेन का उद्घाटन

March 11, 2026
Justices JB Pardiwala and KV Viswanathan

कौन हैं SC के जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन…जिन्होंने दिल पर हाथ रखकर सुनाया इच्छामृत्यु का ये फैसला…

March 11, 2026

आशारानी की विधायकी सजा के कारण समाप्त

मध्य प्रदेश में विधायकी समाप्त होने के प्रमुख मामलों में से एक बिजावर विधानसभा सीट का रहा है। वर्ष 2008 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनी गईं आशारानी को वर्ष 2013 में एक आपराधिक मामले में अदालत ने सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनकी विधायकी स्वतः समाप्त हो गई थी। इस तरह वह मध्य प्रदेश में सजा के कारण अयोग्य घोषित होने वाली पहली महिला विधायक मानी जाती हैं। इस घटना ने उस समय प्रदेश की राजनीति में काफी चर्चा पैदा की थी और जनप्रतिनिधियों के आचरण को लेकर भी सवाल उठे थे।

नीना वर्मा का चुनाव दो बार हुआ निरस्त

धार विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रहीं नीना वर्मा का मामला भी काफी चर्चित रहा है। वर्ष 2008 के चुनाव में वह बेहद करीबी मुकाबले में मात्र एक वोट से विजयी घोषित हुई थीं। कांग्रेस प्रत्याशी ने इस परिणाम को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की थी। लंबी सुनवाई के बाद वर्ष 2012 में अदालत ने उनके चुनाव को शून्य घोषित कर दिया था। इसके बाद वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भी वह पुनः विधायक चुनी गईं, लेकिन इस बार भी उनका चुनाव विवादों में आ गया। आरोप था कि उन्होंने नामांकन पत्र में पूरी जानकारी दर्ज नहीं की थी। अदालत ने यह माना कि चुनाव प्रक्रिया में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था, जिसके चलते वर्ष 2017 में उनके निर्वाचन को फिर से शून्य घोषित कर दिया गया। इस फैसले के खिलाफ नीना वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्हें प्रारंभिक राहत तो मिली, लेकिन वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए उनके चुनाव को निरस्त मान लिया।

खरगापुर विधायक राहुल सिंह लोधी को एससी से राहत

वर्ष 2022 में टीकमगढ़ जिले की खरगापुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक राहुल सिंह लोधी का चुनाव भी विवादों में आ गया था। कांग्रेस प्रत्याशी चंदा सिंह गौर ने उनके खिलाफ चुनाव याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि राहुल सिंह लोधी ने एक निजी कंपनी में अपनी साझेदारी की जानकारी चुनावी हलफनामे में छिपाई थी, जबकि उस कंपनी का संबंध सरकारी कार्यों से था। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के बाद उनके चुनाव को शून्य घोषित कर दिया था और उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाले लाभों पर रोक लगा दी थी। हालांकि राहुल सिंह लोधी ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जहां से उन्हें स्टे मिल गया। इसके बाद उनकी विधायकी बरकरार रही और उन्हें राहत मिल गई।

विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में कुल 230 सीटों में से कांग्रेस ने 66 सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि इसके बाद राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते पार्टी की संख्या में बदलाव हुआ है। लोकसभा चुनाव के दौरान छिंदवाड़ा जिले की अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित अमरवाड़ा सीट से कांग्रेस विधायक कमलेश्वर शाह भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर ली थी। इसी तरह विजयपुर सीट से पहले कांग्रेस विधायक रहे रामनिवास रावत ने भी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा ने उन्हें मंत्री भी बनाया, लेकिन उपचुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा बीना सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे ने भी एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाजपा की सदस्यता ले ली थी। हालांकि उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया। इस मामले को लेकर विवाद अभी न्यायालय में लंबित है और कांग्रेस इस सीट पर उपचुनाव कराने की मांग कर रही है।

न्यायालयीन फैसलों का बढ़ता महत्व

प्रदेश की राजनीति में इन मामलों से यह स्पष्ट होता है कि चुनावी प्रक्रिया में अदालत की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो गई है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भी यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की शिकायत सामने आती है, तो अदालत उस पर कार्रवाई कर सकती है। विजयपुर सीट के ताजा मामले ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून और संविधान सर्वोपरि हैं। आने वाले समय में इस मामले के राजनीतिक और कानूनी प्रभावों पर सबकी नजर बनी रहेगी।

Post Views: 48
Tags: #Court wrath in mla#Madhya Pradesh MLA
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

T-20 World Cup 2026: टीम इंडिया की जीत पर शोएब अख्तर की ये बात पाकिस्तानी फैन्स को चुभी

T-20 World Cup 2026: टीम इंडिया की जीत पर शोएब अख्तर की ये बात पाकिस्तानी फैन्स को चुभी

T-20 World Cup 2026: टीम इंडिया की जीत पर शोएब अख्तर की ये बात पाकिस्तानी फैन्स को चुभी

मनोरंजन
T20 World Cup Final: भारत-न्यूजीलैंड भिड़ंत, विजेता पर होगी करोड़ों की बारिश

T20 World Cup Final: भारत-न्यूजीलैंड भिड़ंत, विजेता पर होगी करोड़ों की बारिश

मनोरंजन
West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version