प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच अहम मुलाकात संपन्न हो गई है। यह बैठक करीब आधे घंटे तक चली, जिसके बाद मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री आवास से रवाना हो गए। इस मुलाकात को प्रदेश की सियासत के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, आज शाम करीब 3:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी भेंट तय है। यह राजनीतिक गतिविधियां ऐसे समय पर हो रही हैं, जब उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। वर्तमान में योगी सरकार के मंत्रिमंडल में पहले से ही कई पद खाली चल रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद दो मंत्रियों के केंद्र सरकार में शामिल होने से यह संख्या और बढ़ गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को सरकार में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके अलावा कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जबकि संगठन से कुछ नेताओं की सरकार में एंट्री संभव है। कुछ राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार दिए जाने की भी चर्चा है। राजनीतिक संतुलन को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। हाल में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक का असर भी मंत्रिमंडल विस्तार में दिखाई दे सकता है। 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा एक मजबूत और संतुलित टीम तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है।




