Saturday, March 14, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home मुख्य समाचार

एमपी विधानसभा का मानसून सत्र: विधानसभा अब सिर्फ चर्चा का मंच!.. नारेबाजी पर रोक लगी तो भड़का विपक्ष, सत्ता पक्ष ने किया बचाव

DigitalDesk by DigitalDesk
July 28, 2025
in Uncategorized
0
Monsoon session of Madhya Pradesh assembly begins
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

एमपी विधानसभा का मानसून सत्र: विधानसभा नहीं अब सिर्फ चर्चा का मंच… नारेबाजी पर रोक लगी तो भड़का विपक्ष, सत्ता पक्ष ने किया बचाव

मध्य प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र 2025 का आगाज़
सत्र के पहले ही दिन विरोध-प्रदर्शन पर बैन से गरमाई सियासत

Related posts

Share Market Fall: शेयर बाजार में जोरदार गिरावट: सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी भी 24 हजार के नीचे फिसला

Share Market Fall: शेयर बाजार में जोरदार गिरावट: सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी भी 24 हजार के नीचे फिसला

March 11, 2026
Stock Market News: मिडिल ईस्ट तनाव से हिला भारतीय बाजार, सेंसेक्स 2,400 अंक टूटा; निवेशकों की दौलत पर बड़ा असर

Stock Market News: मिडिल ईस्ट तनाव से हिला भारतीय बाजार, सेंसेक्स 2,400 अंक टूटा; निवेशकों की दौलत पर बड़ा असर

March 9, 2026

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज सोमवार 28 जुलाई से शुरू हो गया है। इस सत्र के को लेकर अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने एक आदेश जारी किया है। उन्होंने आदेश जारी करते हुए कहा है कि सत्र के दौरान राज्य विधानसभा परिसर के अंदर विधायक किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी नहीं कर सकेंगे। इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। स्पीकर ने नियम 94(2) के तहत यह निर्देश दिए हैं। यह निर्देश सभी विधायकों को विधानसभा परिसर के अंदर किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन करने अथवा नारेबाजी करने से रोकता है।

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज सोमवार, 28 जुलाई से शुरू हो गया, लेकिन सत्र शुरू होते ही सियासत गरमा गई। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के एक नए आदेश ने विपक्ष को चौकन्ना कर दिया है और सत्र की शुरुआत से पहले ही राजनीतिक घमासान छिड़ गया। अध्यक्ष ने आदेश जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार के मानसून सत्र में राज्य विधानसभा के परिसर में कोई भी विधायक को किसी प्रकार के विरोध प्रदर्शन या नारेबाजी की अनुमति नहीं दी जाएगी।

विरोध पर प्रतिबंध… विपक्ष ने जताई आपत्ति
इस आदेश के सामने आते ही कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस ने इसे सीधे तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार दिया। विपक्ष का कहना है कि इस प्रतिबंध से उनकी आवाज को दबाया जा रहा है और लोकतंत्र की भावना को ठेस पहुंचाई जा रही है। विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे ने इस आदेश को तानाशाहीपूर्ण और असंवैधानिक बताया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा “अब तो मीडिया को बयान देने पर भी रोक लगाई जा रही है। अगर महात्मा गांधी और बाबा साहेब अंबेडकर के नारों को भी आपत्तिजनक समझा जा रहा है, तो क्या हम आपातकाल की ओर बढ़ रहे हैं? विधानसभा में आवाज उठाना अगर आपत्तिजनक बन गया है, तो फिर लोकतंत्र का क्या मतलब रह जाएगा?”

कांग्रेस नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ.गोविंद सिंह ने कहा कि यदि विधानसभा में मुद्दों को उठाने से रोका गया, तो वे जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरेंगे…जेल जाएंगे…तो वो जरूरत पड़ी तो जेल में भी अपनी बात उठाएंगे। उन्होंने यह भी चेताया कि अगर यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। इसी तरह, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने अध्यक्ष के आदेश को विधानसभा की गरिमा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, “विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। अगर माननीय अध्यक्ष स्वयं विपक्ष में रह चुके हैं, तो उन्हें पता होना चाहिए कि आवाज उठाना लोकतंत्र का आधार है। इस तरह के आदेश से विधानसभा की भूमिका ही सीमित हो जाएगी।”

बीजेपी का बचाव: “विधानसभा कोई थिएटर नहीं”
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अध्यक्ष के आदेश का समर्थन किया है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा, “विधानसभा में गंभीर विषयों पर चर्चा होनी चाहिए, न कि हंगामे और बैनर-पोस्टर की राजनीति। विरोध प्रदर्शन करने के लिए रोशनपुरा या दशहरा मैदान जैसे स्थान पर्याप्त हैं। सदन कोई थिएटर नहीं है।” बीजेपी का मानना है कि विपक्ष को विषयों पर तथ्यों के साथ चर्चा करनी चाहिए, न कि सत्र को बाधित करने के लिए हंगामा खड़ा करना चाहिए।

विधानसभा परिसर में विरोध पर रोक: क्या यह पहली बार है?
हालांकि विधानसभा में कार्यवाही के दौरान अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से नियम पहले भी लागू होते रहे हैं, लेकिन इस बार अध्यक्ष द्वारा पूर्व में ही संपूर्ण रूप से विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी पर रोक लगाना एक असाधारण निर्णय माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला आगामी 2025 के अंत में संभावित विधानसभा चुनावों के परिप्रेक्ष्य में सत्ता पक्ष की छवि को सुरक्षित रखने की कोशिश हो सकती है।

लोकतांत्रिक मर्यादा और अनुशासन

इस पूरे विवाद ने एक बड़े सवाल को जन्म दिया है — क्या लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाना संविधान के मूल्यों के विपरीत नहीं है? एक ओर जहां विधानसभा अध्यक्ष का तर्क है कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है, वहीं विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मान रहा है। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने साफ कहा है कि वे इस आदेश का विरोध जारी रखेंगे और अध्यक्ष से आदेश वापस लेने की मांग की है।

मध्य प्रदेश विधानसभा का यह मानसून सत्र भले ही नियत विषयों पर केंद्रित हो, लेकिन लोकतांत्रिक अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, और सत्ता बनाम विपक्ष की जंग ने इसे सियासी हलकों में चर्चा का विषय बना दिया है। विधानसभा में उठने वाली हर आवाज अब सत्ता और विपक्ष के बीच की दूरी का नया पैमाना बनेगी। क्या लोकतंत्र में शांति और मर्यादा के नाम पर विरोध को दबाया जा सकता है? यह सवाल आने वाले दिनों की राजनीति की दिशा तय करेगा।सत्र की आगे की कार्यवाही में यह देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस और विपक्ष इस मुद्दे को कैसे उठाते हैं और क्या यह सत्र सुचारू रूप से चल पाएगा या विरोध के स्वर और तेज होंगे। यदि अध्यक्ष नरम रुख अपनाते हैं तो विपक्षी दल इसे अपनी नैतिक जीत के रूप में लेंगे, लेकिन अगर आदेश यथावत रहता है, तो विधानसभा के बाहर विरोध-प्रदर्शन, मीडिया में बयानबाज़ी, और शायद राज्यव्यापी आंदोलन तक की संभावनाएं जताई जा रही हैं।…(प्रकाश कुमार पांडेय)

Post Views: 210
Tags: #Monsoon session of MP assembly#opposition angry#over ban on protests
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

US Israel Iran War: भारत आएगा क्रूड ऑयल इरान ने दी जहाज निकले की अनुमती

US Israel Iran War: भारत आएगा क्रूड ऑयल इरान ने दी जहाज निकले की अनुमती

US Israel Iran War: भारत आएगा क्रूड ऑयल इरान ने दी जहाज निकले की अनुमती

मुख्य समाचार
LPG Gas Cylinders रसोई गैस संकट, लंबी कतारों ने बढ़ाई परेशानी

LPG Gas Cylinders रसोई गैस संकट, लंबी कतारों ने बढ़ाई परेशानी

उत्तर प्रदेश
T-20 World Cup 2026: टीम इंडिया की जीत पर शोएब अख्तर की ये बात पाकिस्तानी फैन्स को चुभी

T-20 World Cup 2026: टीम इंडिया की जीत पर शोएब अख्तर की ये बात पाकिस्तानी फैन्स को चुभी

मनोरंजन

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version