Indian Railway News: आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार, नवंबर से चार भूमिगत स्टेशनों पर दौड़ेगी मेट्रो
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ताज नगरी Agra Metro project आगरा में मेट्रो रेल परियोजना को लेकर पूरी तेजी से काम कर रहा है। मनःकामेश्वर स्टेशन से लेकर आरबीएस कॉलेज तक लगभग 4 किलोमीटर लंबे भूमिगत ट्रैक को बिछाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस खंड में कार्य पूरा करने की समय-सीमा एक माह तय की गई है। ट्रैक बिछाने के साथ-साथ बिजली आपूर्ति लाइनें भी बिछाई जा रही हैं ताकि मेट्रो संचालन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर समय पर तैयार हो सके।
UPMRC अधिकारियों के अनुसार, मनःकामेश्वर से आरबीएस कॉलेज के बीच की भूमिगत लाइन में चार स्टेशन शामिल हैं — एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज मैदान, राजा की मंडी और आरबीएस कॉलेज स्टेशन। नवंबर 2025 से इन सभी स्टेशनों पर मेट्रो का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
मनःकामेश्वर से आरबीएस कॉलेज तक भूमिगत ट्रैक बिछाने का काम तेज़
आईएसबीटी पर एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण कार्य सितंबर तक होगा पूर्ण
Agra Metro project का एक और प्रमुख हिस्सा है आईएसबीटी (ISBT) क्षेत्र में बन रहा एलिवेटेड स्टेशन। इस पर भी तेज़ी से काम हो रहा है और अधिकारियों का दावा है कि सितंबर 2025 तक यह स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा। इस स्टेशन से यात्रियों को दिल्ली और आसपास के राज्यों से कनेक्टिविटी का बड़ा फायदा मिलेगा। एलिवेटेड स्टेशन बनने के बाद यह शहर के ट्रैफिक लोड को कम करने में सहायक होगा और मेट्रो यात्रियों को सुविधाजनक पहुंच भी मिलेगी। यह ताज नगरी आगरा के विकास की दिशा में एक बड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सिकंदरा से फतेहाबाद रोड तक 14 किमी लंबा पहला मेट्रो कॉरिडोर
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के अंतर्गत पहला metro corridor सिकंदरा तिराहा से लेकर टीडीआई मॉल फतेहाबाद रोड तक बनाया जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई 14 किलोमीटर है। इसमें से साढ़े सात किलोमीटर का हिस्सा भूमिगत है और बाकी एलिवेटेड है। भूमिगत ट्रैक का अधिकांश काम पूरा कर लिया गया है। अब केवल मनःकामेश्वर से आरबीएस कॉलेज तक के चार किलोमीटर खंड में ट्रैक बिछाने का कार्य शेष है, जो अगले 30 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।
इस कॉरिडोर में कुल 12 मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएंगी, जो तीन-कोच वाली होंगी। ये ट्रेने आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी और यात्रियों को एक सुरक्षित, तेज़ और आरामदायक यात्रा का अनुभव देंगी।
यमुना पुल पर कार्य रुका, बारिश के कारण जलस्तर बढ़ा
मेट्रो प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यमुना नदी पर बन रहा पुल है, जो वर्तमान में जलस्तर बढ़ने के कारण बंद पड़ा है। बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति के कारण निर्माण कार्य को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। UPMRC ने जानकारी दी है कि जैसे ही जलस्तर सामान्य होगा, कार्य पुनः शुरू कर दिया जाएगा। इस पुल का निर्माण पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। एक बार पुल बनकर तैयार हो जाने के बाद आगरा मेट्रो का नेटवर्क और भी प्रभावी हो जाएगा, जिससे पूर्वी क्षेत्रों में रहने वाले यात्रियों को सीधा फायदा होगा।
पिलर खोदाई का कार्य जारी, आधुनिक मशीनों का उपयोग
मेट्रो ट्रैक के अन्य हिस्सों पर कार्य भी पूरे जोर-शोर से चल रहा है। एमजी रोड और नेशनल हाईवे-19 पर पिलर की खोदाई (बोरिंग) का कार्य जारी है। इस काम के लिए 16 रिग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरा हो सके। मेट्रो निर्माण में आधुनिक तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता में सुधार हो और यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव मिले। यूपीएमआरसी के अधिकारी लगातार प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है।
नवंबर से चार भूमिगत स्टेशनों में दौड़ेगी मेट्रो, आगरा को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट मॉडल
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट न केवल शहर के यातायात दबाव को कम करेगा, बल्कि आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक केंद्रों और टूरिस्ट डेस्टिनेशन को जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा। नवंबर 2025 से जब चार भूमिगत स्टेशनों — एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज मैदान, राजा की मंडी और आरबीएस कॉलेज — से मेट्रो दौड़ना शुरू करेगी, तब आगरा एक स्मार्ट सिटी की दिशा में एक और कदम बढ़ा देगा। यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा मेट्रो के ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है और उम्मीद है कि आगरा के लाखों नागरिकों को आने वाले महीनों में मेट्रो सुविधा का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट न केवल यात्रियों को राहत देगा, बल्कि पर्यावरण, समय और ईंधन की बचत में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। प्रकाश कुमार पांडेय





