उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए गर्मी और उमस के बीच राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में पूर्वी, मध्य और पश्चिमी यूपी में गरज-चमक, बिजली गिरने और झमाझम बारिश के आसार हैं। इससे तापमान में कमी आने के साथ ही लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में लोगों के लिए अच्छी खबर है। मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है। इस मौसम परिवर्तन से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को राहत मिलेगी।
- लखनऊ में बारिश के आसार
- अभी की स्थिति: बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी
- 28 जून शनिवार से है तेज बारिश की संभावना
- फिलहाल अधिकतम तापमान 36°C है
- बारिश के बाद घटकर 32–33°C हो सकता है
- वहीं न्यूनतम तापमान भी 27°C से घटकर 24–25°C हो सकता है
- लखनऊ और आसपास के इलाकों में कब होगी बारिश?
- राजधानी लखनऊ में फिलहाल हल्की बूंदाबांदी और बादलों की लुकाछिपी जारी है। जिससे तापमान में थोड़ी नरमी आई है।
- लेकिन शनिवार से तेज बारिश के संकेत मिल रहे हैं।
अधिकतम तापमान: 36 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम तापमान: 27 डिग्री सेल्सियस
बारिश के बाद तापमान में गिरावट आ सकती है
कहां-कहां होगी बारिश?
मध्य उत्तर प्रदेश
जिले हरदोई, कानपुर, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी
संभावना रुक-रुक कर बारिश, अगले 48 घंटे में तेज बारिश शुरू होने के संकेत
तापमान में गिरावट अधिकतम में 5–6 डिग्री, न्यूनतम में 2–3 डिग्री
पूर्वी उत्तर प्रदेश
जिले बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, गोरखपुर, देवरिया
संभावना: भारी बारिश, बिजली गिरने की चेतावनी, तेज हवाएं और आंधी का भी अंदेशा
सावधानी: खुले में न निकलें, बिजली गिरने के दौरान सतर्क रहें
पश्चिमी उत्तर प्रदेश
जिले: मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, नोएडा, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा
संभावना: गरज-चमक और बौछारों की संभावना, लंबे समय से जारी उमस से राहत
लोगों के लिए सलाह छाता और रेनकोट साथ रखें। तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी को हल्के में न लें।बच्चों और बुजुर्गों को बाहर भेजने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें। आंधी या बारिश के समय खुले मैदानों से बचें। उत्तर प्रदेश में मानसून की यह पहली जोरदार दस्तक राज्यवासियों के लिए राहत और खुशखबरी दोनों लेकर आ रही है। अब उम्मीद है कि जलस्तर में भी सुधार होगा और खेतों को भी आवश्यक पानी मिलेगा।..(प्रकाश कुमार पांडेय)





