Saturday, March 7, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य उत्तर प्रदेश

Prayagraj Mahakumbh 2025: जानें महाकुंभ से वापसी से पहले आखिर नागा साधु क्या खाकर निकलते हैं ?

DigitalDesk by DigitalDesk
February 13, 2025
in उत्तर प्रदेश, धर्म, मुख्य समाचार, लखनऊ
0
Prayagraj Mahakumbh Mela 2025 Naga Sadhu Kadhi Bhajiya
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

प्रयागराज महाकुंभ मेला अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। मेले की शुरुआत 13 जनवरी को हुई थी। जिसमें देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे। देश के कौने कौने से इसमें शामिल होने नागा साधु- संत और श्रद्धालुओं आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचे थे। वही तीसरे अमृत स्नान के बाद महाकुंभ से साधु-संतों ने अपने-अपने अखाड़ों के साथ वापसी भी कर ली है, लेकिन क्या आपको पता है कि महाकुंभ मेले को छोड़ने से पहले नागा साधु क्या खाते हैं। आखिर इसका महत्व क्या ?

साधु-संत और नागा बाबा जब भी महाकुंभ से विदा लेते हैं तो उससे पहले उन्हें कढ़ी और पकौड़ी भजिया बनाकर खिलाई जाती है। इसके बाद ही नागा साधु संत अपने अपने अखाड़ों या हिमालय आदि में जहां वे तपस्‍या करते हैं, वहां लौटते हैं। वापसी से पहले कढ़ी-पकौड़े के इस भोज को ही नागा साधु संतों की औपचारिक विदाई भी माना जाता है।

Related posts

Jan Aushadhi Day 2026: सस्ती दवाइयों से करोड़ों लोगों को राहत, 12 साल में 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंचे जन औषधि केंद्र

Jan Aushadhi Day 2026: सस्ती दवाइयों से करोड़ों लोगों को राहत, 12 साल में 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंचे जन औषधि केंद्र

March 7, 2026
Gold-Silver Price Today: हफ्ते के आखिरी दिन सोना-चांदी में तेज उछाल, MCX और ग्लोबल मार्केट दोनों में चमके भाव

Gold Price Outlook: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: 5 दिन में सोना ₹4,440 टूटा, चांदी भी लुढ़की

March 7, 2026
  • अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा प्रयागराज महाकुंभ मेला
  • मेले की शुरुआत 13 जनवरी को हुई थी
  • जिसमें देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे
  • देश भर से नागा साधु- संत भी यहां पहुंचे
  • करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने यहां आस्था की डुबकी लगाई
  • महाकुंभ से साधु-संतों ने तीसरे अमृत स्नान के बाद की वापसी
  • अपने-अपने अखाड़ों के साथ की वापसी
  • महाकुंभ छोड़ने से पहले नागा साधु खाते हैं कढ़ी और भजिया

आस्था का महापर्व महाकुंभ का आगाज 13 जनवरी को हुआ था। जिसके बाद संगम में मकर संक्रांति के दिन पहला अमृत स्नान किया गया। वहीं दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या पर और तीसरा अमृत स्नान बसंत पंचमी के पावन अवसर पर किया गया था। महाकुंभ में तीसरे शाही स्नान के बाद से ही नागा साधुओं ने महाकुंभ से वापसी की अपनी यात्रा शुरू कर दी थी। हालांकि अब तक महाकुंभ का समापन नहीं हुआ है। इस महाकुंभ का समापन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होगा। इस दिन महाकुंभ में आखिरी महास्नान भी किया जाएगा।

बता दें नागा साधु और संतों ने महाकुंभ से वापस जाने का सिलसिला बसंत पंचमी यानी तीसरे अमृत स्नान के बाद से ही शुरू कर दिया था। इसके बाद महाकुंभ से सभी नागा साधुओं की ओर से अपने-अपने अखाड़ों के साथ वापसी यात्रा शुरू कर दी गई। हालांकि महाकुंभ मेला 26 फरवरी को महाशिवरात्रि तक जारी रहेगा। लेकिन महाकुंभ से विदाई लेने से पहले नागा साधु-संत  आखिर कढ़ी और भजिया का सेवन क्यों करते हैं। इसका क्या महत्व होता है। बता इें नागा साधुओं के लिए अपने अपने अखाड़े के लिए प्रस्थान करने से पहले उनके लिए भोजन में विशेष प्रकार की कढ़ी और भजियां तैयार की जाती हैं। इस विशेष कढ़ी और भाजी को वहां के स्थानीय मूलनिवासी समुदाय की ओर से तैयार करने का काम किया जाता है।

क्या है कढ़ी भजिया खाने का महत्व

महाकुंभ से अपने अखाड़ों के लिए वापसी के दौरान नागा साधु संत कढ़ी और भजिया खाते हैंं। इसे गुरु और शिष्य परंपरा के रूप में देखा जाता है। दरअसल महाकुंभ मेले के दौरान यह परंपरा हर अखाड़े में निभाई जाती है। जहां नाभिक समुदाय के लोग बड़ी श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ वहां भिक्षुओं को भोजन कराते है। यह कढ़ी और भाजियां महाकुंभ मेले में मौजूद अखाड़ों के साधु-संतों की संख्या के अनुसार ही तैयार की जाती हैं। महाकुंभ से अपने मूल स्थान के लिए लौटते समय यहां नागा साधु संत कढ़ी और भजिया खाते हैं। इसके बाद ही वे महाकुंभ से प्रस्थान करते हैं। इसके बिना वे महाकुंभ से प्रस्थान नहीं करते। बता दें यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है।

Post Views: 621
Tags: # Naga Sadhu and Kadhi Bhajiya#Naga Sadhu#Prayagraj Mahakumbh 2025
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

मुख्य समाचार
T20 World Cup : इंग्लैंड को हराकर भारत फाइनल में, धोनी-साक्षी का मजेदार रिएक्शन वायरल

T20 World Cup : इंग्लैंड को हराकर भारत फाइनल में, धोनी-साक्षी का मजेदार रिएक्शन वायरल

मनोरंजन
बिहार में बड़ा सियासी बदलाव? राज्यसभा में Nitish Kumar, नए CM को लेकर तेज हुई चर्चा

बिहार में बड़ा सियासी बदलाव? राज्यसभा में Nitish Kumar, नए CM को लेकर तेज हुई चर्चा

बिहार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version