चंद्रबाबू नायडू ने कभी एक वोट से गिराई थी बीजेपी सरकार 25 साल पुराने किस्से से डरे मोदी
लोकसभा चुनावों के नतीजों के बाद एनडीए के घटक दलों में अगर किसी के पास सीटें सबसे ज्यादा है तो वो है टीडीपी। टीडीपी के सबसे ज्यादा सांसद है और वो है 16 । बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने के कारण उसको अपने सहयोगियों के जरूरत होगी और नबंरो में सबसे ज्यादा टीडीपी और जेडीयू के पास होगी । सूत्र बताते हैं कि टीडीपी ने इस बार भी स्पीकर का पद मांगा है। हांलाकि संसदीय दल का नेता चुने जाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि सारे फैसले सबसे बड़ा दल बीजेपी लेगी। इससे पहले भी टीडीपी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार मे टीडीपी के स्पीकर का पद दिया था।
1999 में जीएमबालयोगी लोकसभा के स्पीकर बने।
उसी समय की बात है जब वाजपेयी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया और कांग्रेस नेता गिरधर गोमांग जो उडीसा के मुख्यमंत्री बन गए थे और सांसद से इस्तीफा नहीं दिया था वो भी अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग में शामिल हुए । मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए गिरधर गोंमांग को सरकार को सपोर्ट करना था। लेकिन लोकसभा स्पीकर जीएम सी बालयोगी ने उनको अधिकार दिया कि वो अपने विवेक से वोट करे। गोमांग ने अपनी कांग्रेस पार्टी के साथ दिया और वाजपेयी सरकार के खिलाफ वोट किया । इसके बाद वाजपेयी सरकार एक वोट से गिर गई। यही वजह मानी जा रही है कि इस बार बीजेपी स्पीकर का पद किसी सहयोगी दल का नहीं दे सकती।
क्योंकि स्पीकर के पास सदन के अंदर के सारे अधिकार होते है। फिर चाहे वो किसी सदस्य के पक्ष विपक्ष को वोंटिग का हो या फिर सत्र के संबंधित कोई अधिकार।




