UP की राजधानी लखनऊ को बाराबंकी, अयोध्या, गोंडा, गोरखपुर और सीतापुर जैसे शहरों से जोड़ने वाले अयोध्या रोड पर लगने वाले भारी जाम से राहत दिलाने के लिए एक बड़ी योजना को मंजूरी मिल चुकी है। इसके तहत बाराबंकी बॉर्डर से हाईकोर्ट तक करीब 9 किलोमीटर लंबा और 6 लेन का स्काईवे (एलीवेटेड रोड) बनाया जाएगा, जिस पर 2219 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और इसे ढाई से तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जाम से निजात, सफर होगा सुहाना
अयोध्या रोड पर पॉलीटेक्निक चौराहे से इंदिरा नहर तक रोजाना सुबह-शाम ट्रैफिक जाम आम बात है। स्काईवे बनने के बाद वाहन चालक ऊपरी मार्ग से गुजर सकेंगे जिससे जमीन पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा। इससे 25 किलोमीटर की दूरी अब सिर्फ 25 मिनट में तय की जा सकेगी, जो फिलहाल एक घंटे से अधिक समय लेती है। ईंधन की खपत कम होगी, जिससे पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
बेहतर कनेक्टिविटी, व्यापक लाभ
यह स्काईवे पॉलीटेक्निक फ्लाईओवर से जुड़ेगा और किसान पथ, आगरा एक्सप्रेस—वे, शहीद पथ, सुलतानपुर-हरदोई-कानपुर-रायबरेली हाईवे, एलडीए ग्रीन कॉरिडोर से जुड़कर लखनऊ की सड़क प्रणाली को नई दिशा देगा। इससे इंदिरा नगर, गोमती नगर, आईआईएम रोड, इस्माइलगंज, मुंशी पुलिया, और पुराना लखनऊ सहित 30 से अधिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
हाईकोर्ट और लोहिया संस्थान को राहत
स्काईवे बनने से हाईकोर्ट और लोहिया संस्थान जाने वाले लोगों को जाम से छुटकारा मिलेगा। पूर्वांचल की ओर से आने वाला भारी ट्रैफिक हाईकोर्ट के पास रुकने के बजाय स्काईवे से सीधे निकल जाएगा। इससे निचली सड़कों पर भी ट्रैफिक का दबाव घटेगा।
पर्यावरण के अनुकूल होगा स्काईवे
दावा किया जा रहा है कि परियोजना में हरित क्षेत्र संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण उपायों को शामिल किया गया है। स्काईवे को आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से बनाया जाएगा। इसमें प्रवेश और निकास बिंदुओं की योजना भी यात्रियों की सुविधा अनुसार बनाई जा रही है।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष ने बताया कि निर्माण कार्य जल्द आरंभ होगा। भूमि अधिग्रहण और अन्य औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं। स्थानीय लोगों ने इस परियोजना का स्वागत किया है।
व्यापार, पर्यटन और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन
मंडल आयुक्त डॉ.रोशन जैकब ने कहा कि यह स्काईवे लखनऊ के आर्थिक विकास का आधार बनेगा। इससे पर्यटन, व्यापार और आवागमन को बल मिलेगा। लखनऊ अब तेजी से स्मार्ट और ट्रैफिक-जाम मुक्त शहर की ओर बढ़ रहा है। 2219 करोड़ की यह स्काईवे परियोजना न सिर्फ लखनऊ को जाम से राहत देगी, बल्कि शहरी ढांचे को मजबूती और आर्थिक गति प्रदान करेगी। आने वाले वर्षों में यह राजधानी की पहचान और सुविधा दोनों में इजाफा करेगी। ..(प्रकाश कुमार पांडेय)
