7 अप्रैल मौसम अपडेट: मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, नया सिस्टम बढ़ाएगा असर
भोपाल। मध्य प्रदेश में 7 अप्रैल से मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में अगले तीन दिन तक आंधी, बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जो पहले से बने सिस्टम के साथ मिलकर मौसम को और ज्यादा अस्थिर बना सकता है।
राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार से ही मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में इसका प्रभाव और व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग ने 7 अप्रैल के लिए ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के करीब 24 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, छतरपुर, सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, मंडला और बालाघाट जैसे जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में इस समय एक साथ कई सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके चलते मौसम बार-बार बदल रहा है। 7 अप्रैल से सक्रिय होने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ इस पूरे सिस्टम को और मजबूत करेगा। इसके प्रभाव से कई इलाकों में तेज आंधी चल सकती है, जिसकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। वहीं अन्य क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
अप्रैल की शुरुआत में ही इस तरह का मौसम आमतौर पर देखने को नहीं मिलता, लेकिन इस बार परिस्थितियां अलग हैं। मार्च के अंत तक जहां प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं अब लगातार सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मौसम का यह अस्थिर रूप कई नई चिंताएं भी लेकर आया है।
खासतौर पर किसानों के लिए यह मौसम परेशानी का कारण बन सकता है। पिछले दो महीनों में फरवरी और मार्च के दौरान कई बार ओलावृष्टि और बारिश की वजह से फसलों को नुकसान हुआ है। गेहूं, पपीता और केले जैसी फसलें पहले ही प्रभावित हो चुकी हैं। अब एक बार फिर तेज हवाओं और बारिश की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज आंधी के साथ होने वाली बारिश खड़ी फसलों को गिरा सकती है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा बिजली गिरने की घटनाएं भी इस मौसम में बढ़ जाती हैं, जो जान-माल के लिए खतरा बन सकती हैं। ऐसे में किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। तेज हवाओं के दौरान कच्चे मकानों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों में भी प्रदेश में मौसम के ऐसे ही बने रहने की संभावना है। 9 अप्रैल तक आंधी-बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन तापमान में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
कुल मिलाकर, 7 अप्रैल से शुरू हो रहा यह नया मौसम सिस्टम मध्य प्रदेश के मौसम को एक बार फिर बदलने वाला है। जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों और आम जनजीवन के लिए यह चुनौती भी बनता जा रहा है। ऐसे में अगले कुछ दिन प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं, जहां हर किसी की नजर मौसम के बदलते मिजाज पर टिकी हुई है।





